Ranchi News : लक्ष्य से पीछे रह गया सीसीएल, 87.55 एमटी कोयला का उत्पादन किया

कोल इंडिया की तीन कंपनियों ने किया लक्ष्य से अधिक उत्पादन.

रांची. कोल इंडिया वित्तीय वर्ष 2024-25 में उत्पादन लक्ष्य से पीछे रह गया. कोल इंडिया की तीन कंपनियों ने मंत्रालय का तय लक्ष्य प्राप्त किया. चार कंपनियां इससे पीछे रह गयीं. झारखंड में खनन करने वाली तीनों कंपनियां उत्पादन लक्ष्य से पीछे रह गयीं. 31 मार्च 2025 तक कोल इंडिया ने कुल 781.06 मिलियन टन कोयला का उत्पादन किया. यह तय लक्ष्य (838.0 एमटी) से करीब सात फीसदी कम है. कोल इंडिया की कंपनी एमसीएल, एनसीएल और डब्ल्यूसीएल ने तय लक्ष्य से अधिक उत्पादन किया है. वहीं, सीसीएल, इसीएल, बीसीसीएल तथा एसइसीएल कंपनी उत्पादन लक्ष्य से पीछे रह गयी है. सीसीएल को 100 मिलियन टन कोयला उत्पादन का लक्ष्य दिया गया था. इसकी तुलना में कंपनी ने 87.55 मिलियन टन (एमटी) कोयला का उत्पादन किया है. वहीं, कंपनी ने वित्तीय वर्ष 2023-24 से करीब तीन मिलियन टन अधिक उत्पादन किया है.

अरगड्डा व पिपरवार ने किया लक्ष्य से अधिक उत्पादन

सीसीएल के 14 एरिया में से केवल तीन क्षेत्र ने ही लक्ष्य के बराबर या उससे अधिक उत्पादन किया है. इसमें अरगड्डा, गिरिडीह और पिपरवार शामिल है. अरगड्डा को 2.1 मिलियन टन कोयला उत्पादन का लक्ष्य मिला था. इसकी तुलना में 2.11 मिलियन टन कोयला का उत्पादन किया है. वहीं, गिरिडीह को 0.6 मिलियन टन कोयला उत्पादन का लक्ष्य मिला था और एरिया ने इतना ही उत्पादन किया है. पिपरवार को छह मिलियन टन कोयला उत्पादन का लक्ष्य मिला था, इसकी तुलना में 7.52 मिलियन टन कोयला का उत्पादन किया है. इधर, हजारीबाग, राजहरा व एनके एरिया ने लक्ष्य का करीब 60 फीसदी के आसपास ही उत्पादन किया है.

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By RAJIV KUMAR

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