सूर्य हांसदा के एनकाउंटर के विरोध में आदिवासी संगठनों का कैंडल मार्च

सूर्या हांसदा के एनकाउंटर के विरोध में बुधवार को विभिन्न आदिवासी संगठनों ने कचहरी स्थित जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम से अलबर्ट एक्का चौक तक कैंडल मार्च निकाला .

रांची. सूर्या हांसदा के एनकाउंटर के विरोध में बुधवार को विभिन्न आदिवासी संगठनों ने कचहरी स्थित जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम से अलबर्ट एक्का चौक तक कैंडल मार्च निकाला . अलबर्ट एक्का चौक पर सूर्या हांसदा को श्रद्धांजलि दी गयी और उनके समर्थन में नारे लगाये गये. लक्ष्मी नारायण मुंडा ने आरोप लगाया कि सूर्या हांसदा को फर्जी मुठभेड़ में मारा गया है, जो पुलिस और खनन माफिया के गठजोड़ का परिणाम है. सूर्या हांसदा की हत्या इसलिए की गयी, ताकि खनन माफिया का एकछत्र साम्राज्य बना रहे. उन्होंने इस घटना की सीबीआई जांच की मांग की. केंद्रीय सरना समिति के फूलचंद तिर्की ने भी सीबीआई जांच को प्रमुख मांग बताया. उन्होंने कहा कि सूर्या हांसदा द्वारा चलाये जा रहे स्कूल में 500 बच्चे निःशुल्क पढ़ते थे. उनकी पढ़ाई और भोजन का जिम्मा सरकार को लेनी चाहिए. निरंजना हेरेंज ने कहा कि सूर्या हांसदा के शरीर पर चोट और जलने के निशान थे, जिससे स्पष्ट होता है कि टॉर्चर के बाद उसकी हत्या की गयी. सामाजिक कार्यकर्ता कुंदरसी मुंडा ने कहा कि सूर्या हांसदा आदिवासियों की आवाज थे और जल, जंगल, जमीन की लड़ाई लड़ रहे थे. उन्हें कुख्यात अपराधी की तरह प्रस्तुत करना अनुचित है. डब्लू मुंडा, निशा भगत, हर्षिता मुंडा और रवि मुंडा ने भी सभा को संबोधित किया. उपस्थित लोगों ने चेतावनी दी कि यदि मामले की सीबीआई जांच नहीं हुई तो चरणबद्ध आंदोलन किया जायेगा. कैंडल मार्च में सिम्मी तिर्की, सुरेंद्र लिंडा, छोटू टोप्पो, मंजूला गाड़ी सहित कई लोग शामिल हुए.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

Author: PRAVEEN

Digital Media Journalist having more than 2 years of experience in life & Style beat with a good eye for writing across various domains, such as tech and auto beat.

Read More

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >