BIT मेसरा में झारखंड के विद्यार्थियों के लिए 50% सीट आरक्षण खत्म, नामांकन में बड़ा असर

BIT मेसरा में झारखंड के छात्रों के लिए 50% आरक्षित सीटों का प्रावधान समाप्त हो गया है. इसका सीधा असर इस सत्र के नामांकन पर देखा जा रहा है, जहां झारखंड के छात्रों का प्रतिशत काफी कम हो गया है. यह कदम राज्य के इंजीनियरिंग के इच्छुक विद्यार्थियों के लिए एक बड़ा झटका है.

रांची. बीआईटी मेसरा में इस वर्ष झारखंड के विद्यार्थियों के लिए आरक्षित 50% सीटों का प्रावधान खत्म होने का सीधा असर नामांकन प्रक्रिया पर पड़ा है. सत्र 2026-27 में बीआईटी मेसरा के विभिन्न ब्रांच में कुल मिलाकर झारखंड के लगभग 16% छात्र-छात्राओं को ही सीट मिली है. जोसा और सीसैब स्पेशल राउंड काउंसिलिंग के बाद हुई कुल रिपोर्टिंग में से झारखंड के लगभग 200 छात्र-छात्राओं को सीट मिली है. यह संख्या पिछले साल की तुलना में काफी कम है.

पिछले सत्र में बीआईटी मेसरा में झारखंड के लगभग 60% छात्र-छात्राओं ने नामांकन लिया था. इसमें 50% झारखंड की आरक्षित सीटों के अलावा ऑल इंडिया मेरिट से भी लगभग 10% छात्र-छात्राओं को सीट अलॉट हुई थी. इस तरह लगभग 650 सीटों पर झारखंड के विद्यार्थियों का नामांकन हुआ था. लेकिन इस सत्र में झारखंड के विद्यार्थियों के लिए आरक्षित 50% सीट का प्रावधान खत्म होने से इंजीनियरिंग क्षेत्र में करियर बनाने की चाह रखने वाले राज्य के विद्यार्थियों को नुकसान हुआ है.

एमओयू खत्म होने के बाद समाप्त हुआ होम स्टेट कोटा

झारखंड सरकार के साथ हुए एमओयू के तहत बीआईटी मेसरा में 50% सीट झारखंड के विद्यार्थियों के लिए होम स्टेट कोटा के रूप में आरक्षित थी. इन सीटों पर जोसा और सीसैब काउंसिलिंग के माध्यम से नामांकन की प्रक्रिया होती थी. झारखंड सरकार के साथ एमओयू दो साल पहले ही खत्म हो चुका था. इसके बाद एमओयू रिन्यू नहीं होने पर संस्थान ने इस सत्र से होम स्टेट कोटा का प्रावधान ही खत्म कर दिया.

इसके बाद बीआईटी मेसरा की सभी 100 प्रतिशत सीटों पर ऑल इंडिया के तहत नामांकन की प्रक्रिया हुई. इससे झारखंड के विद्यार्थियों को संस्थान में नामांकन लेने के लिए अब देशभर के विद्यार्थियों के साथ कड़ी प्रतियोगिता का सामना करना पड़ रहा है.

बीटेक और इंटीग्रेटेड एमएससी के 13 विषयों में नामांकन

सत्र 2026-27 में बीटेक और इंटीग्रेटेड एमएससी के 13 विषयों में देश भर के विद्यार्थियों ने नामांकन लिया है. कुल रिपोर्टिंग में से लगभग 200 स्टूडेंट्स झारखंड के हैं. पिछली बार यह संख्या लगभग 650 थी.

झारखंड के बीसी-1 और बीसी-2 कैटेगरी के छात्र-छात्राओं के लिए लगभग 80 सीटें आरक्षित थीं. लेकिन इस सत्र होम स्टेट के तहत सीटें शून्य हो गयीं.

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क्लोजिंग रैंक में भी बड़ा अंतर

पिछले साल की तुलना में इस सत्र सभी ब्रांच के क्लोजिंग रैंक में काफी गिरावट आयी है. सीसैब स्पेशल राउंड के बाद सीसैब ओपन कैटेगरी में इस सत्र क्लोजिंग रैंक 29,411 रहा, जबकि पिछले सत्र होम स्टेट में 35,188 रैंक तक को सीट मिली थी.

बायोटेक्नोलॉजी में इस सत्र 1,60,075 रैंक तक को सीट मिली, जबकि पिछले साल 3,38,040 रैंक तक को सीट मिली थी. इलेक्ट्रिकल एंड इलेक्ट्रॉनिक्स इंजीनियरिंग में इस सत्र क्लोजिंग रैंक 64,176 रहा, जबकि पिछले सत्र 74,208 रैंक तक को सीट मिली थी. इलेक्ट्रॉनिक्स एंड कम्युनिकेशन इंजीनियरिंग में इस सत्र 44,625 और पिछले सत्र में 55,727 रैंक तक को सीट मिली थी.


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2025 बनाम 2026 क्लोजिंग रैंक

ब्रांच2025 ऑल इंडिया2025 होम स्टेट2026 ऑल इंडिया
बायोटेक्नोलॉजी1178143380401,60,075
केमिकल इंजीनियरिंग970721945651,20,535
सिविल इंजीनियरिंग994991483541,20,342
कंप्यूटर साइंस इंजीनियरिंग235963518829,411
इलेक्ट्रिकल एंड इलेक्ट्रॉनिक्स472437420864,176
इलेक्ट्रॉनिक्स एंड कम्युनिकेशन375505572744,625
मैथमेटिक्स एंड कंप्यूटिंग61156121651173,466
मैकेनिकल इंजीनियरिंग6796187763


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