बिहार के दो पुलिसकर्मियों को रांची में ग्रामीणों ने पीटा, बंधक बनाया, जानें क्या है पूरा मामला

हरियाणा के नंबर वाली गाड़ी में तीन लोग सवार थे. उनमें से दो लोग गुलाम अशरफ उर्फ रौनक से पूछताछ करने लगे. इसी बीच लड़की के भाई और रौनक के साले इंतखाब आलम ने पुलिसकर्मियों से कहा कि रौनक को गाड़ी में लादो. इसी बीच रौनक वहां से भाग गया. शोर मचाने लगा.

झारखंड की राजधानी रांची में बिहार से आये दो पुलिसकर्मियों को ग्रामीणों ने पीट दिया. घटना कांके थाना क्षेत्र के मिल्लत कॉलोनी की है. दोनों पुलिसकर्मी दहेज मामले में एक वारंटी को गिरफ्तार करने के लिए यहां आये थे. सादे लिबास में मिल्लत कॉलोनी पहुंचे, तो दोनों पुलिसकर्मियों को लोगों ने अपहरणकर्ता समझकर उनकी पिटाई कर दी. कांके थाना की पुलिस के हस्तक्षेप से उन्हें सुरक्षित निकाला गया.

दो साल पहले सीवान की लड़की से हुआ था रौनक का निकाह

प्राप्त सूचना के मुताबिक, कांके निवासी गुलाम अशरफ उर्फ रौनक का 2 साल पहले बिहार के सीवान जिला में निकाह हुआ था. निकाह के एक सप्ताह के भीतर उसको पता चल गया कि उसकी पत्नी मानसिक रोगी है. लंबे अरसे से उसका इलाज चल रहा है. इसके बाद उसने अपने ससुराल वालों को बुलाकर अपनी पत्नी को उनके हवाले कर दिया.

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लड़की के परिवार वालों ने रौनक और उसके परिजनों के खिलाफ दहेज का केस दर्ज करवा दिया. उसी मामले में गुलाम अशरफ के खिलाफ वारंट जारी हुआ था. उसकी गिरफ्तारी के लिए सीवान जिला की पुलिस कांके पहुंची थी. सुबह साढ़े 8 बजे दो पुलिसकर्मी जब मिल्लत कॉलोनी के पास पहुंची, उस वक्त रौनक सैलून जा रहा था. मिल्लत कॉलोनी मोड़ के पास हरियाणा के नंबर की एक गाड़ी (HR 51 AN 4086) खड़ी थी.

हरियाणा के नंबर वाली गाड़ी में सवार थे तीन लोग

हरियाणा के नंबर वाली गाड़ी में तीन लोग सवार थे. उनमें से दो लोग गुलाम अशरफ उर्फ रौनक से पूछताछ करने लगे. इसी बीच लड़की के भाई और रौनक के साले इंतखाब आलम ने पुलिसकर्मियों से कहा कि रौनक को गाड़ी में लादो. इसी बीच रौनक वहां से भाग गया. शोर मचाने लगा. बचाओ. बचाओ. ये लोग मुझे किडनैप करने आये हैं. रौशन की आवाज सुनकर लोगों ने पुलिसकर्मियों को घेर लिया और उनकी पिटाई कर दी.

ग्रामीणों ने पुलिसकर्मियों के बांध दिये हाथ-पैर

लोगों ने दोनों पुलिसकर्मियों के हाथ-पैर भी बांध दिये. स्थानीय लोगों ने कांके पुलिस को इसकी सूचना दी. 15-20 मिनट बाद सीवान की महिला थाना की दारोगा आराधना कुमारी वहां पहुंचीं. उन्होंने स्थिति को संभाला. उन्होंने लोगों को बताया कि ये अपहरणकर्ता नहीं हैं. बिहार पुलिस के लोग हैं. रौनक पर सीमाव में दहेज मामले में केस दर्ज है. उसी मामले में उसकी गिरफ्तारी के लिए ये लोग यहां आये हैं. तब कांके पुलिस के हस्तक्षेप से बिहार के दोनों पुलिसकर्मी मुक्त हुए.

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रौनक के परिवार वालों ने भी इंतखाब आलम और उसके परिवार के खिलाफ रांची कोर्ट में केस दर्ज करवा रखा है. इंतखाब के खिलाफ भी वारंट जारी हो चुका है. रौनक के परिजनों ने इंतखाब पर छेड़छाड़ और मारपीट का आरोप लगाया गया है. कांके पुलिस को बताया गया कि इंतखाब को गिरफ्तार किया जाये, लेकिन जांच पदाधिकारी (आईओ) के नहीं होने की वजह से उसकी गिरफ्तारी नहीं हो पायी. इस बीच इंतखाब थाना से फरार हो गया.

रौनक की मां ने कांके थाना में दिया लिखित आवेदन

रौनक की मां ने लिखित आवेदन दिया है कि बिहार पुलिस मेरे बेटे को गिरफ्तार करने आयी थी. दूसरे प्रदेश की गाड़ी का नंबर और दो लोगों को देखकर उसको आशंका हुई कि लोग उसका अपहरण करने आये हैं. इस पर मेरे बेटे ने शोर मचाया. कांके थाना की पुलिस ने बताया कि रौनक को गिरफ्तार करने के लिए पहुंचे सीवान के पुलिसकर्मियों के पास वारंट भी नहीं था. महिला थाना की दारोगा आराधना पीछे से वारंट लेकर आयीं. कांके पुलिस को भी इन पुलिसकर्मियों ने कार्रवाई की जानकारी नहीं दी थी.

रिपोर्ट: गुलाम रब्बानी, कांके, रांची

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By Mithilesh Jha

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