रांची से मनोज लाल की रिपोर्ट
JPSC-JSSC Transfer: झारखंड सरकार ने झारखंड लोक सेवा आयोग (जेपीएससी) और झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (जेएसएससी) में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल किया है. कार्मिक, प्रशासनिक सुधार एवं राजभाषा विभाग ने अधिसूचना जारी कर दोनों आयोगों में प्रतिनियुक्ति पर कार्यरत प्रशाखा पदाधिकारियों (एसओ) का तबादला कर दिया है. जेपीएससी से पांच और जेएसएससी से छह प्रशाखा पदाधिकारियों को हटाकर विभिन्न विभागों में भेजा गया है. सरकार ने राज्यभर में कुल 89 प्रशाखा पदाधिकारियों का स्थानांतरण किया है.
जेपीएससी से हटाए गए पांच प्रशाखा पदाधिकारी
सरकारी अधिसूचना के अनुसार जेपीएससी में प्रतिनियुक्ति पर कार्यरत पांच प्रशाखा पदाधिकारियों को वहां से हटाकर उनके नए विभागों में भेज दिया गया है. ये सभी अधिकारी मूल रूप से अन्य विभागों के कर्मचारी थे और प्रतिनियुक्ति पर आयोग में अपनी सेवाएं दे रहे थे. जेपीएससी से हटाए गए अधिकारियों में धर्मजीत कुमार साहू, नुपूर कुमारी, रितेश कुमार अग्रहरी, शिव शंकर प्रसाद और सौरभ सिंह शामिल हैं. फिलहाल आयोग में किसी नए प्रशाखा पदाधिकारी की प्रतिनियुक्ति नहीं की गई है.
जेएसएससी से भी हटाए गए छह अधिकारी
इसी तरह झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (जेएसएससी) से भी छह प्रशाखा पदाधिकारियों का तबादला किया गया है. इनमें सुधीर लकड़ा, सुकरा भगत, इनोसेंट टुडू, चांद झा, स्नेह राज रवि और प्रेम कुमार के नाम शामिल हैं. इन सभी अधिकारियों को भी अलग-अलग विभागों में नई जिम्मेदारी दी गई है. सरकार के इस फैसले को दोनों आयोगों में प्रशासनिक व्यवस्था को नए सिरे से व्यवस्थित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है.
जेएसएससी में सात नए प्रशाखा पदाधिकारियों की तैनाती
जहां जेएसएससी से छह अधिकारियों का तबादला किया गया है, वहीं आयोग में सात नए प्रशाखा पदाधिकारियों की तैनाती भी की गई है. नए अधिकारियों में कुमार भाष्कर, कृष्णा कुमार हांसदा, राहुल कुमार, सुदिप्तो बोस, अमित कुमार डे, ओम प्रकाश राणा और कुमारी रश्मि शामिल हैं. इन अधिकारियों के कार्यभार संभालने के बाद आयोग के प्रशासनिक कार्यों में तेजी आने की उम्मीद जताई जा रही है.
राज्यभर में 89 प्रशाखा पदाधिकारियों का तबादला
कार्मिक, प्रशासनिक सुधार एवं राजभाषा विभाग की ओर से जारी अधिसूचना के अनुसार राज्य स्तर पर कुल 89 प्रशाखा पदाधिकारियों का स्थानांतरण किया गया है. सभी संबंधित अधिकारियों को अपने वर्तमान पद से 20 अगस्त से पहले विरमित होने का निर्देश दिया गया है. सरकार ने स्पष्ट किया है कि यदि कोई अधिकारी निर्धारित तिथि तक विरमित नहीं होता है, तो उसे 20 अगस्त की अपराह्न के बाद स्वतः विरमित माना जाएगा और उसके स्थानांतरण आदेश को प्रभावी समझा जाएगा.
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आयोगों में प्रशासनिक बदलाव पर नजर
जेपीएससी और जेएसएससी में यह प्रशासनिक बदलाव ऐसे समय किया गया है, जब दोनों आयोग विभिन्न भर्ती परीक्षाओं, नियुक्ति प्रक्रियाओं और उनसे जुड़े विवादों को लेकर चर्चा में हैं. ऐसे में अधिकारियों के तबादले को प्रशासनिक पुनर्संरचना के रूप में देखा जा रहा है. हालांकि सरकार की ओर से इन स्थानांतरणों के पीछे किसी विशेष कारण का उल्लेख नहीं किया गया है. आने वाले दिनों में यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि इन बदलावों का दोनों आयोगों की कार्यप्रणाली और लंबित भर्ती प्रक्रियाओं पर क्या प्रभाव पड़ता है.
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