रांची के चर्चित भार्गव सिंह हत्याकांड में मुख्य आरोपी विजय टेटे को झटका, जमानत याचिका खारिज

रांची में भार्गव सिंह हत्याकांड के मुख्य आरोपी विजय टेटे को अदालत से राहत नहीं मिली है. अपर न्यायायुक्त की अदालत ने उसकी जमानत याचिका खारिज कर दी है. यह फैसला मामले की गंभीरता को देखते हुए सुनाया गया है.


रांची से राजेश कुमार की रिपोर्ट

Murder Case: रांची के बहुचर्चित भार्गव सिंह हत्याकांड में मुख्य आरोपी विजय टेटे को अदालत से बड़ा झटका लगा है. अपर न्यायायुक्त पवन कुमार की अदालत ने उसकी जमानत याचिका खारिज कर दी है. आरोपी ने जमानत के लिए अदालत में आवेदन दिया था, लेकिन मामले की गंभीरता और जांच में सामने आए तथ्यों को देखते हुए अदालत ने उसे राहत देने से इनकार कर दिया. यह मामला जमीन विवाद से जुड़ा है, जिसमें रियल एस्टेट कंपनी सिंह इंफ्राकॉम प्राइवेट लिमिटेड (गोल्डेन सिटी) के सीईओ भार्गव सिंह की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी. इस घटना ने राजधानी रांची में काफी सनसनी फैला दी थी.

मंदिर में पूजा के दौरान हुई थी हत्या

घटना 21 अप्रैल 2026 की है. उस दिन भार्गव सिंह सुखदेवनगर थाना क्षेत्र स्थित मनोकामना मंदिर में पूजा करने पहुंचे थे. इसी दौरान पहले से घात लगाए अपराधियों ने उन पर ताबड़तोड़ गोलियां चला दीं. गोली लगने से गंभीर रूप से घायल भार्गव सिंह को तत्काल पारस अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई. घटना के बाद पुलिस ने हत्या का मामला दर्ज कर जांच शुरू की थी.

70 लाख रुपये के लेन-देन से जुड़ा था विवाद

पुलिस जांच में सामने आया कि कांके के गांधी नगर निवासी विजय टेटे ने रिंग रोड के पास जमीन दिलाने के नाम पर भार्गव सिंह और उनके जीजा से करीब 70 लाख रुपये लिए थे. जांच के अनुसार, तय समय पर न तो जमीन उपलब्ध कराई गई और न ही पैसे वापस किए गए. इसके बाद भार्गव सिंह लगातार या तो जमीन देने अथवा रकम लौटाने का दबाव बना रहे थे. पुलिस का मानना है कि इसी विवाद ने हत्या की साजिश की नींव रखी.

साजिश रचकर कराई गई हत्या

जांच एजेंसियों के अनुसार, आर्थिक विवाद से नाराज विजय टेटे ने योजनाबद्ध तरीके से भार्गव सिंह की हत्या की साजिश रची. पुलिस का दावा है कि आरोपी ने पेशेवर अपराधियों की मदद से वारदात को अंजाम दिलाया. हत्या के बाद शक से बचने के लिए विजय टेटे अपनी पत्नी के साथ घूमने निकल गया, ताकि पुलिस को लगे कि उसका घटना से कोई संबंध नहीं है. हालांकि, पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों और मोबाइल लोकेशन के आधार पर उसकी गतिविधियों का पता लगाया.

मोबाइल लोकेशन बनी गिरफ्तारी का आधार

पुलिस ने जांच के दौरान आरोपी के मोबाइल फोन की लोकेशन और अन्य तकनीकी साक्ष्यों का विश्लेषण किया. इसी आधार पर विजय टेटे की गतिविधियां संदिग्ध पाई गईं. बाद में पुलिस ने उसे बूटी मोड़ के पास से गिरफ्तार कर लिया. पूछताछ और साक्ष्यों के आधार पर उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया. मामले में पुलिस पहले ही कई महत्वपूर्ण साक्ष्य जुटा चुकी है और जांच के दौरान हत्या की साजिश से जुड़े कई पहलुओं का खुलासा हुआ है.

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अदालत के फैसले पर टिकी थी नजर

मुख्य आरोपी की जमानत याचिका पर अदालत के फैसले का सभी पक्षों को इंतजार था. सुनवाई के बाद अपर न्यायायुक्त पवन कुमार की अदालत ने मामले की गंभीरता को देखते हुए जमानत याचिका खारिज कर दी. अदालत के इस फैसले के बाद फिलहाल विजय टेटे को जेल में ही रहना होगा. वहीं पुलिस और अभियोजन पक्ष का कहना है कि मामले में उपलब्ध साक्ष्य मजबूत हैं और हत्या की पूरी साजिश को अदालत के समक्ष प्रस्तुत किया जाएगा. रांची के चर्चित इस हत्याकांड की आगे की सुनवाई पर अब सभी की नजरें बनी हुई हैं.

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By Kumarvishwat Sen

कुमार विश्वत सेन प्रभात खबर डिजिटल में डेप्यूटी चीफ कंटेंट राइटर हैं. इनके पास हिंदी पत्रकारिता का 25 साल से अधिक का अनुभव है. इन्होंने 21वीं सदी की शुरुआत से ही हिंदी पत्रकारिता में कदम रखा. दिल्ली विश्वविद्यालय से हिंदी पत्रकारिता का कोर्स करने के बाद दिल्ली के दैनिक हिंदुस्तान से रिपोर्टिंग की शुरुआत की. इसके बाद वे दिल्ली में लगातार 12 सालों तक रिपोर्टिंग की. इस दौरान उन्होंने दिल्ली से प्रकाशित दैनिक हिंदुस्तान दैनिक जागरण, देशबंधु जैसे प्रतिष्ठित अखबारों के साथ कई साप्ताहिक अखबारों के लिए भी रिपोर्टिंग की. 2013 में वे प्रभात खबर आए. तब से वे प्रिंट मीडिया के साथ फिलहाल पिछले 10 सालों से प्रभात खबर डिजिटल में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. इन्होंने अपने करियर के शुरुआती दिनों में ही राजस्थान में होने वाली हिंदी पत्रकारिता के 300 साल के इतिहास पर एक पुस्तक 'नित नए आयाम की खोज: राजस्थानी पत्रकारिता' की रचना की. इनकी कई कहानियां देश के विभिन्न पत्र-पत्रिकाओं में प्रकाशित हुई हैं.

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