VIDEO: “इरफान जी, बेटे कृष अंसारी का नाम कृष्ण कर दीजिए” भानु प्रताप ने स्वास्थ्य मंत्री को क्यों दी सलाह

Jharkhand News: स्वास्थ्य मंत्री इरफान अंसारी के पुत्र कृष अंसारी के अस्पताल निरीक्षण करने की खबरें राज्य में चर्चा का विषय बनी हुई है. इसी बीच भाजपा नेता सह पूर्व विधायक भानु प्रताप शाही ने मंत्री को बेटे के नाम को लेकर बड़ी सलाह दे दी है.

Jharkhand News: राज्य के स्वास्थ्य मंत्री इरफान अंसारी के 19 वर्षीय पुत्र कृष अंसारी के अस्पताल निरीक्षण करने की खबरें राज्य में चर्चा का विषय बनी हुई है. विपक्ष भी लगातार इस मुद्दे को लेकर मंत्री पर हमलावर है. इसी बीच भाजपा नेता सह पूर्व विधायक भानु प्रताप शाही ने मंत्री और उनके बेटे को घेरे में लिया है. बेटे के अस्पताल निरीक्षण करने की बातों के बीच पूर्व विधायक ने मंत्री को बेटे का नाम बदलने की बड़ी सलाह दे दी है.

भानु प्रताप ने मंत्री को दी सलाह

भानु प्रताप शाही ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो साझा किया. इसमें पूर्व विधायक पहले तो मंत्री इरफान अंसारी के पुत्र कृष अंसारी के अस्पताल निरीक्षण करने की बात उठाते हुए कहते हैं कि आप तो मंत्री थे, बेटा को भी मंत्री का पावर दे दिये. इसके बाद वह कहते हैं “बेटे का नाम अच्छा रखे हैं कृष, अगर कृष की जगह पर कृष्ण नाम होता तो और अच्छा होता. हम लोग इसे घर वापसी मांगते. विचार कीजिए और कृष का नाम कृष्ण कर दीजिए. आइये हनुमान चालीसा पढ़ते हैं दोनों भाई”

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अस्पताल का निरीक्षण का वीडियो हुआ वायरल

मालूम हो बीते दिनों इरफान अंसारी के पुत्र कृष अंसारी अस्पताल का निरीक्षण करने पहुंचे थे. निरीक्षण के दौरान उन्होंने अस्पताल के कर्मियों को कई दिशा-निर्देश भी दिये. अस्पताल निरीक्षण के दौरान वीडियो बना कर इसे सोशल मीडिया पर शेयर भी किया गया. देखते ही देखते यह वीडियो वायरल हो गया और राज्य में चर्चा का विषय बन गया.

मंत्री इरफान अंसारी ने दी प्रतिक्रिया

इस पूरे मामले पर स्वास्थ्य मंत्री इरफान अंसारी की प्रतिक्रिया भी सामने आयी है. उन्होंने कहा “मेरे पुत्र कृष अंसारी को लेकर जो बातें कुछ मीडिया माध्यमों और राजनीतिक मानसिकता के लोगों द्वारा फैलायी जा रही हैं, वह पूरी तरह निराधार, भ्रामक और दुर्भावनापूर्ण है. कृष एक पढ़ा-लिखा, संवेदनशील और होनहार छात्र है. वह अभी छुट्टियों में रांची आया हुआ है. उसने इंसानियत और संवेदनशीलता के भाव से किसी की तकलीफ कम करने की कोशिश की है. वह रिम्स में किसी निरीक्षण या नेतागीरी के लिए नहीं गया था. वह कुछ आदिवासी परिवारों की मदद करने के साथ ही अपने शिक्षक आदित्य कुमार झा के पिता को देखने गया था, जो रिम्स में भर्ती हैं”.

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Published by: Dipali kumari

नमस्कार! मैं दीपाली कुमारी, एक समर्पित पत्रकार हूं और पिछले 3 वर्षों से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हूं. वर्तमान में प्रभात खबर में कार्यरत हूं, जहां झारखंड राज्य से जुड़े महत्वपूर्ण सामाजिक, राजनीतिक और जन सरोकार के मुद्दों पर आधारित खबरें लिखती हूं. इससे पूर्व दैनिक जागरण आई-नेक्स्ट सहित अन्य प्रतिष्ठित समाचार माध्यमों के साथ भी कार्य करने का अनुभव है.
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