सुनील चौधरी, रांची.
झारखंड के गोड्डा स्थित अदाणी पावर प्लांट से बांग्लादेश ने पूरी बिजली आपूर्ति करने की मांग की है. वर्तमान में बकाया की वजह से इस प्लांट से 1600 मेगावाट की जगह केवल 800 मेगावाट बिजली ही दी जा रही है. दो में से एक यूनिट को बंद रखा गया है. सूत्रों ने बताया कि बांग्लादेश द्वारा किस्तों में बकाये का भुगतान करने की कोशिश की जा रही है. कुछ राशि का भुगतान भी किया गया है. यही वजह है बांग्लादेश ने पूरी आपूर्ति बहाल करने का अनुरोध किया है.25 वर्षों तक बांग्लादेश में बिजली आपूर्ति का अनुबंध
गौरतलब है कि वर्ष 2017 में अदाणी ने बांग्लादेश सरकार के साथ 25 वर्षों तक 1600 मेगावाट बिजली आपूर्ति करने का अनुबंध किया था. इसके लिए गोड्डा में 800-800 मेगावाट की दो यूनिट लगायी गयी और कुल 1600 मेगावाट बिजली की आपूर्ति की जा रही थी. इसी दौरान अगस्त 2024 में बांग्लादेश में शेख हसीना की सरकार का तख्ता पलट हो गया. बांग्लादेश द्वारा अदाणी को भुगतान में देरी की जा रही थी. कंपनी ने भुगतान में देरी के कारण 31 अक्तूबर को बांग्लादेश को आपूर्ति आधी कर दी. एक नवंबर से गोड्डा की एक यूनिट बंद कर दी गयी. लगभग आधी क्षमता पर प्लांट काम कर रहा है. सूत्रों ने बताया कि अब बांग्लादेश पावर डेवलपमेंट बोर्ड (बीपीडीबी) ने अदाणी के अधिकारियों से कहा है कि हर महीने बीपीडीबी कंपनी को 85 मिलियन डॉलर का भुगतान कर रहा है. इसलिए पूरी बिजली आपूर्ति शुरू की जाये. गौरतलब है कि बांग्लादेश पर अदाणी का लगभग 900 मिलियन डॉलर का बकाया हो गया है.जल्द शुरू होगी आपूर्ति
इधर, अदाणी की ओर अधिकृत रूप से कुछ भी नहीं बताया जा रहा है. सूत्रों ने बताया कि गोड्डा प्लांट से दूसरी यूनिट चालू करने का प्रयास चल रहा है. ब्वॉयलर और टर्बाइन को दोबारा चालू करने में एक से दो दिन का समय लग सकता है. अगले सप्ताह से गोड्डा प्लांट की दोनों यूनिट चालू होने की संभावना है. इसके बाद बांग्लादेश को आपूर्ति आरंभ की जायेगी.डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है
