संजीव सिंह,रांची
Jharkhand Assistant Professor Recruitment: झारखंड के सरकारी विश्वविद्यालय में असिस्टेंट प्रोफेसर की नियुक्ति के लिए अब लिखित परीक्षा अनिवार्य होने जा रही है. लिखित परीक्षा में उत्तीर्ण अभ्यर्थी ही इंटरव्यू के लिए योग्य होंगे. इसके अलावा चयनित अभ्यर्थियों के लिए अब मेडिकल जांच भी अनिवार्य की जा रही है. राज्य सरकार नियुक्ति के लिए परिनियम प्रस्ताव तैयार कर रही है. परिनियम लागू करने से पूर्व विश्वविद्यालय के सिंडिकेट से स्वीकृत कराना होगा. इसके बाद ही अंतिम निर्णय लिया जायेगा. इस नियुक्ति में राष्ट्रीय पात्रता परीक्षा (नेट) और झारखंड पात्रता परीक्षा (जेट) से उत्तीर्ण अभ्यर्थी को भी लिखित परीक्षा में शामिल होना होगा. पीएचडी और नीड बेस्ड असिस्टेंट प्रोफेसर को नियुक्ति में वेटेज दिया जायेगा.
अब विवि सेवा आयोग करेगा नियुक्ति
असिस्टेंट प्रोफेसर की नियुक्ति अब झारखंड विवि सेवा आयोग के माध्यम से होगी. पूर्व में नियुक्ति झारखंड लोक सेवा आयोग (जेपीएससी) के माध्यम से हो रही थी. इससे पहले राज्य के विश्वविद्यालय में असिस्टेंट प्रोफेसर की नियुक्ति में वर्तमान में नेट/जेट/ पीएचडी धारी के लिए सिर्फ इंटरव्यू ही आधार था. इंटरव्यू पर ही संबंधित विश्वविद्यालय में अनुशंसा की जाती थी.
शिक्षकों की चयन प्रक्रिया हर वर्ष जनवरी से 30 जून तक होगी
झारखंड विश्वविद्यालय सेवा आयोग से शिक्षकों के चयन की प्रक्रिया प्रत्येक वर्ष जनवरी से शुरू होकर 30 जून तक पूरी की जायेगी. विश्वविद्यालय के शिक्षकों के समयबद्ध चयन एवं नियुक्ति के लिए आयोग के साथ समन्वय करना मानव संसाधन प्रबंधन निदेशक का दायित्व होगा. आगामी वर्ष के लिए रोस्टर बनाने के लिए विश्वविद्यालय में प्रत्येक वर्ष 31 दिसंबर तक स्वीकृत पदों के सापेक्ष शिक्षकों की कुल रिक्तियों पर विचार किया जायेगा. इस प्रकार तैयार रोस्टर को राज्य सरकार द्वारा अनुमोदित किया जायेगा.
नियुक्ति के बाद 12 माह का अनिवार्य प्रशिक्षण जरूरी होगा
विवि के सभी शिक्षकों का शुरुआत में झारखंड स्टेट फैकल्टी डेवलपमेंट एकेडमी में 12 माह का अनिवार्य प्रशिक्षण होगा. इसके साथ ही उन्हें दो वर्ष के लिए परिवीक्षा पर नियुक्त किया जायेगा. शिक्षकों को झारखंड राज्य में किसी भी विवि तथा अंगीभूत कॉलेजों में स्थानांतरित या प्रतिनियुक्त किया जा सकेगा. परिवीक्षाधीन शिक्षक पर यह नियम लागू नहीं होंगे. कर्मियों की तरह शिक्षकों की प्रथम नियुक्ति विवि के अधिकार क्षेत्र के अंतर्गत ग्रामीण व दूरस्थ क्षेत्रों में की जायेगी. अब शिक्षकों के अंतर विवि स्थानांतरण का विशेष अधिकार राज्य सरकार के पास होगा.
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