झारखंड में असिस्टेंट प्रोफेसर बनने के लिए पीएचडी कब से होगी जरूरी, यूजीसी ने जारी किया संशोधित गजट

झारखंड के विश्वविद्यालयों और महाविद्यालयों में असिस्टेंट प्रोफेसर बनने के लिए पीएचडी डिग्री एक जुलाई 2023 से अनिवार्य होगी. यूजीसी रेगुलेशन 2018 के मुताबिक असिस्टेंट प्रोफेसर की नियुक्ति के लिए पीएचडी की अनिवार्यता एक जुलाई 2021 से निर्धारित की गयी थी. जिसे राज्य में भी लागू किया जाएगा.

Jharkhand News, Assistant Professor Recruitment In Jharkhand रांची : विश्वविद्यालयों और महाविद्यालयों में असिस्टेंट प्रोफेसर की सीधी नियुक्ति में अब पीएचडी डिग्री एक जुलाई 2023 से अनिवार्य होगी. यूजीसी ने रेगुलेशन 2018 का संशोधित गजट 12 अक्तूबर 2021 को जारी कर दिया है. यूजीसी रेगुलेशन 2018 के मुताबिक असिस्टेंट प्रोफेसर की नियुक्ति के लिए पीएचडी की अनिवार्यता एक जुलाई 2021 से निर्धारित की गयी थी. कोविड-19 को देखते हुए ही केंद्र के निर्देश पर यूजीसी ने यह निर्णय लिया है.

केंद्रीय शिक्षा मंत्री के अनुसार, पूर्व में सिर्फ केंद्रीय विवि में असिस्टेंट प्रोफेसर की नियुक्ति को लेकर यह छूट देने की घोषणा की गयी थी, लेकिन बाद में इसे सभी विवि और कॉलेजों के लिए लागू कर दिया गया है.

इसे झारखंड में भी लागू करने की प्रक्रिया होगी शुरू :

संशोधित गजट के आधार पर अब इसे झारखंड में भी लागू करने की प्रक्रिया शुरू की जायेगी. यूजीसी गजट के अनुसार, पीएचडी की अनिवार्यता विवि अौर कॉलेजों में शिक्षकों व अन्य शैक्षिक कर्मचारियों की नियुक्ति के लिए न्यूूनतम अर्हता तथा उच्चतर शिक्षा में मानकों में उपयोग के लिए लागू की जा रही है. नया नियम एक जुलाई 2023 तक हो रही नियुक्ति प्रक्रिया पर लागू नहीं होगा. झारखंड के विवि में 1108 असिस्टेंट प्रोफेसर की नियुक्ति के लिए जेपीएससी में प्रस्ताव लंबित है.

Posted By : Sameer Oraon

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By Prabhat Khabar News Desk

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