अंश का 8 मिनट का इंटरव्यू: बहुत गुस्से में है अंश, ऐसी-ऐसी बात बता दी कि सिहर उठेंगे आप

Ansh Anshika Case: रांची के धुर्वा से लापता हुए मासूम अंश और अंशिका 12 दिनों बाद सुरक्षित बरामद कर लिए गए हैं. घर लौटने के बाद अंश का 8 मिनट का इंटरव्यू सामने आया है, जिसमें उसने किडनैपर्स की प्रताड़ना, भूख और डर की आपबीती सुनाई. अंश इतना गुस्से में है कि बड़ा होकर पुलिस बनना चाहता है. उसके मासूम लेकिन दर्दनाक जवाब सुनकर हर कोई सिहर उठेगा.

By KumarVishwat Sen | January 15, 2026 4:10 PM

Ansh Anshika Case: झारखंड की राजधानी रांची के धुर्वा से लापता भाई-बहन अंश-अंशिका पुलिस के अथक प्रयास से अब वापस अपने माता-पिता और दादा-दादी के पास पहुंच गए हैं. लेकिन अंश फिलहाल गुस्से में है. वह इतना अधिक गुस्से में है कि बड़ा होकर पुलिस बनना चाहता है. क्यों बनना चाहता है? इस सवाल के जवाब में जो बात वह बताता है, उसे सुनकर आप सिहर उठेंगे. जो लोग इन दोनों मासूमों को ले गए थे, उन्होंने इन दोनों बच्चों को इस कदर प्रताड़ित किया कि इस नन्हें मासूम के अंदर गुस्सा भर गया. घर वापस आने के बाद प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम जब अंश और अंशिका से बात करने उसके परिवार के पास पहुंची, तो अंश ने कई कई ऐसी-ऐसी बातें बताई, जिसे सुनकर हर आदमी सिहर उठेगा. पढ़ें अंश से बातचीत का प्रमुख अंश…

प्रश्न: अंश, अभी क्या खा रहे हो?

अंश: चॉकलेट.

प्रश्न: चॉकलेट किसने दी?

अंश: अंकल ने.

प्रश्न: इससे पहले कहां थे तुम?

अंश: (थोड़ा रुककर) चोरनी लेकर गई थी.

प्रश्न: चोरनी तुम्हें कहां रखती थी?

अंश: टूटे हुए घर में.

प्रश्न: वहां अच्छा लगता था?

अंश: नहीं… मारती थी.

प्रश्न: खाना देती थी?

अंश: नहीं… भूखा रखता था.

प्रश्न: जब मम्मी-पापा के पास जाने को कहते थे तो?

अंश: बोलती थी, नहीं जाने देंगे.

प्रश्न: तुम रोते थे तो क्या करती थी?

अंश: मारती थी… डरा के रखती थी.

प्रश्न: तुम्हें वहां कैसे लेकर गए?

अंश: दुकान से पकड़ के… मोटरसाइकिल से.

प्रश्न: तुम चिल्लाए तो क्या किया उन्होंने?

अंश: बोला – चुप रहो… डराया.

प्रश्न: बहन रोती थी?

अंश: हां… बहुत.

प्रश्न: अंश, बड़े होकर क्या बनोगे?

अंश: पुलिस.

प्रश्न: पुलिस क्यों बनना है?

अंश: जो हमको पकड़ा था… उसको गोली मारेंगे.

प्रश्न: अब मम्मी-पापा के पास आकर कैसा लग रहा है?

अंश: अच्छा लग रहा है.

दो जनवरी की दोपहर को लापता हुए थे अंश-अंशिका

ये बातें उस अंश की है, जो 2 जनवरी 2026 की दोपहर रांची के धुर्वा के मौसीबाड़ी इलाके से लापता हो गए थे. अंश और अंशिका चॉकलेट लेने घर से निकले थे. रास्ते में एक दंपति ने उन्हें बहला-फुसलाकर जबरन अपने साथ ले लिया. इन दोनों मासूमों का 12 दिनों तक कोई सुराग नहीं मिला. मीडिया दबाव के बाद सीआईडी समेत कई टीमें लगाई गईं. देशभर के करीब 17,000 थानों में बच्चों के पोस्टर भेजे गए. घटना के 13वें दिन रामगढ़ के चितरपुर इलाके में स्थानीय युवकों ने दोनों बच्चों को पहचान लिया और पुलिस को सूचना दी. इसके बाद पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए अंश और अंशिका को सुरक्षित बरामद कर लिया. अब ये दोनों मासूम अपने माता-पिता के पास हैं.

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