PLFI Naxal Arrested, रांची : राजधानी पुलिस को उग्रवाद के खिलाफ मोर्चे पर एक ऐतिहासिक और बड़ी सफलता हाथ लगी है. रांची के सुदूरवर्ती लापुंग थाना क्षेत्र से प्रतिबंधित नक्सली संगठन पीएलएफआई (PLFI – पीपल्स लिबरेशन फ्रंट ऑफ इंडिया) के सुप्रीमो और राज्य के ‘स्टेट चीफ’ अमृत होरो उर्फ मेचो उर्फ सूर्या को गिरफ्तार कर लिया गया है. झारखंड सरकार द्वारा 10 लाख रुपये के इनामी घोषित इस खूंखार नक्सली की गिरफ्तारी को पुलिस पीएलएफआई संगठन के शीर्ष नेतृत्व के पूर्ण सफाए के रूप में देख रही है. पुलिस ने उसके पास से भारी मात्रा में हथियार, जिंदा कारतूस और लेवी वसूलने वाले नक्सली पर्चे बरामद किए हैं.
महुगांव जंगल की घेराबंदी कर दबोचा गया स्टेट चीफ
वरीय पुलिस अधीक्षक (SSP) रांची को 28 मई 2026 की देर शाम एक बेहद पुख्ता गुप्त सूचना मिली थी कि पीएलएफआई का स्टेट चीफ अमृत होरो अपने कुछ हथियारबंद साथियों के साथ लापुंग थाना क्षेत्र के महुगांव जंगल के आसपास मंडरा रहा है और किसी बड़ी उग्रवादी घटना या निर्माण कार्य में लगे ठेकेदारों पर हमले की साजिश रच रहा है. मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए ग्रामीण एसपी गौरव गोस्वामी के निर्देशन और बेड़ो के डीएसपी दीपक कुमार के नेतृत्व में लापुंग व बेड़ो थाना प्रभारी और सशस्त्र बल को मिलाकर एक विशेष संयुक्त छापेमारी दल का गठन किया गया. इस टीम ने देर रात महुगांव जंगल के संदिग्ध ठिकानों की घेराबंदी की, जहां से भागने की कोशिश कर रहे अमृत होरो को पुलिस बल ने मुस्तैदी दिखाते हुए दबोच लिया.
Also Read: गढ़वा के रमना में आंगनबाड़ी केंद्र बंद, औचक निरीक्षण में कर्मचारियों पर भड़के डीसी
16 साल से दे रहा था वारदातों को अंजाम
पुलिस की गिरफ्त में आए अमृत होरो (34 वर्ष, पिता- सुशील होरो, ग्राम- जामाकेल सेमरटोली, लापुंग) का आपराधिक इतिहास बेहद खौफनाक और लंबा रहा है. वह पिछले 16 वर्षों से झारखंड के विभिन्न जिलों में सक्रिय रहकर हत्या, आगजनी, जबरन वसूली और ठेकेदारों पर हमले जैसी हिंसक वारदातों को अंजाम दे रहा था. पूछताछ में उसने कुबूल किया कि वह फोन कॉल्स, व्हाट्सएप और अन्य सोशल मीडिया ऐप्स के जरिए राज्य के नामचीन व्यवसायियों, ईंट भट्ठा संचालकों और विकास योजनाओं के ठेकेदारों में दहशत फैलाकर करोड़ों रुपये की लेवी (रंगदारी) वसूलता था. उसके खिलाफ अकेले रांची, खूंटी, गुमला, लोहरदगा और पश्चिमी सिंहभूम जिलों के विभिन्न थानों में 50 से अधिक गंभीर नक्सली मामले दर्ज हैं.
वर्चस्व की लड़ाई में अपने ही साथी की कर दी थी हत्या
गिरफ्तार उग्रवादी प्रमुख ने पुलिस के समक्ष संगठन द्वारा किए गए कई बड़े और जघन्य कांडों का खुलासा किया है. वर्ष 2023 में लापुंग क्षेत्र में अपना वर्चस्व और खौफ कायम करने के लिए उसने अपने 6-7 साथियों के साथ मिलकर हुलसू निवासी राजेश कुमार साहू की गोली मारकर हत्या कर दी थी. इसके अलावा, आपसी वर्चस्व की एक अन्य जंग में वर्ष 2024 में पश्चिमी सिंहभूम के आनंदपुर थाना क्षेत्र में उसने अपने ही संगठन के एक बागी सदस्य मत्यस टूटी को मौत के घाट उतार दिया था. वह लगातार पुलिस की रडार पर था और कई मामलों में लंबे समय से फरार चल रहा था.
रेलवे प्रोजेक्ट्स और विकास कार्यों को बनाया निशाना
अमृत होरो के निर्देश पर पीएलएफआई ने हाल के वर्षों में विकास कार्यों को ठप करने के लिए कई हिंसक हमले किए थे. अप्रैल 2026 में ही खूंटी के कर्रा थाना क्षेत्र में नरसिंह कंस्ट्रक्शन और बिल्डकॉन प्राइवेट लिमिटेड कंपनी के लिंक रेल लाइन प्रोजेक्ट साइट पर अंधाधुंध फायरिंग कर रोड रोलर को फूंक दिया गया था और ठेकेदार से 50 लाख रुपये की रंगदारी मांगी गई थी. इसी तरह, लोहरदगा के कैरो में एक जन वितरण प्रणाली (PDS) दुकानदार से 10 लाख रुपये और पिठौरिया के बड़े कारोबारी संजय सिंह उर्फ मंटू सिंह के हर प्रोजेक्ट से 5 प्रतिशत कमीशन न देने पर फौजी कार्रवाई (जान से मारने) की धमकी दी गई थी.
स्वचालित पिस्टल और जिंदा कारतूस बरामद
सफल छापेमारी के बाद पुलिस ने अमृत होरो के पास से उग्रवादी गतिविधियों में इस्तेमाल होने वाले कई सामान विधिवत जब्त किए हैं. जब्त सामानों की सूची में एक अत्यधिक अत्याधुनिक स्वचालित (Automated) पिस्टल, 04 पीस जिंदा कारतूस, लेवी और धमकी देने के लिए इस्तेमाल होने वाले 03 स्मार्टफोन और भारी मात्रा में लेवी वसूलने वाले पीएलएफआई संगठन के आधिकारिक लेटर पैड व नक्सली पर्चे शामिल हैं. पुलिस ने उग्रवादी के खिलाफ लापुंग थाना में कांड संख्या-21/26 के तहत बीएनएस (BNS), आर्म्स एक्ट और क्रिमिनल लॉ एमेंडमेंट (CLA) एक्ट की विभिन्न सुसंगत व कड़ी धाराओं के तहत मामला दर्ज कर उसे जेल भेज दिया है.
Also Read: झारखंड राज्यसभा चुनाव: गठबंधन मिलकर उतारेगा दो प्रत्याशी, के. राजू बोले- भाजपा को हराना लक्ष्य
