सड़क निर्माण में अनियमितता का आरोप, ग्रामीणों ने काम बंद कराया
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सड़क निर्माण में भारी अनियमितता का आरोप लगाते हुए शुक्रवार को प्रखंड के छाताटांड़ के ग्रामीणों ने विरोध करके काम बंद करा दिया
प्रतिनिधि, सिल्ली.
सड़क निर्माण में भारी अनियमितता का आरोप लगाते हुए शुक्रवार को प्रखंड के छाताटांड़ के ग्रामीणों ने विरोध करके काम बंद करा दिया. ग्रामीणों ने काम कराने वाले को चेताया कि जब तक काम में सुधार नहीं होगा, काम बंद रहेगा. मिली जानकारी के मुताबिक सिल्ली के नायक जोबला से छाताटांड़ तक प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना से 3.5 किमी लंबी सड़क बन रही है. इसका निर्माण सिद्धार्थ कंस्ट्रक्शन करा रहा है. ग्रामीणों ने निर्माण कार्य में भारी गड़बड़ी का आरोप लगाया है. ग्रामीणों ने बताया कि जिस पुलिया पर पीसीसी की ढलाई की जा रही है, वह पहले से कमजोर है. उपर से पीसीसी का भार पढ़ते ही यह कभी भी गिर सकता है. साथ ही पुलिया के नजदीक दोनों ओर काफी बड़ी खाई है. गार्डवाल और नाली के बगैर सड़क किसी काम का नहीं है. कोई भी कभी भी गड्ढे में गिर सकता है. बड़ी दुर्घटना की आशंका बनी रहती है. जन प्रतिनिधियों ने काफी समय से इस सड़क के किनारे गार्डवाल और नाली बनाने का आश्वासन दे रखा है. लेकिन अब बिना इसके ही काम किया जा रहा है. ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि काम नायक जोबला से शुरू किया जाना था, लेकिन सड़क का काम रेलवे फाटक के निकट से किया जा रहा है. काम में मानक के अनुरूप निर्माण सामग्री भी नहीं लगायी जा रही है. ग्रामीणों ने घटिया निर्माण का विरोध करते हुए एकजुट होकर काम को बंद करा दिया. काम करा रहे लोगों ने बताया कि इसकी सूचना एजेंसी और अधिकारियों को दे दी गयी है. फिलहाल काम बंद कर दिया गया है.
मैं मई 1998 से प्रभात खबर में पत्रकारिता कर रहा हूं. सबसे पहले मैने सिटी ऑफिस में फोटो पत्रकारिता से शुरुआत की. तीन सालों तक करने के बाद मैं सिल्ली से खबरें लिखने लगा. इस दौरान ग्रामीण क्षेत्र की हर प्रकार की खबरें लिखी. नियमित रूटीन खबरों के अलावे क्षेत्र की समस्याओं की खबरें, ग्रामीण प्रतिभा पर स्टोरी सहित जनसरोकार की पत्रकारिता से पहचान बनाई. इलाके में सामाजिक कुरीतियों, जाति पाति के भेदभावों वाले समाजिक बुराइयों पर भी स्टोरी किए. अभी करीब दो साल पहले प्रभात खबर ने में छपी एक छुआछूत एवं जाति पाति के भेदभाव की खबर को झारखंड, विहार एवं बंगाल में सर्वश्रेष्ठ स्टोरी का भी सम्मान मिला है. नियमित पत्रकारिता के साथ समय निकालकर शॉर्ट फिल्में और डॉक्यूमेंट्री भी बनाया करता हूं. मेरी बनाई डॉक्यूमेंट्री फिल्म " माटी के सपूत" को 61 वें राष्ट्रीय फिल्म फेस्टिवल में दिखाई गई थी. अपने केटेगरी की सूची में फिल्म 89 वें नंबर पर रही थी. मैने इग्नू से पत्रकारिता, रेडियो प्रसारण डिप्लोमा एवं मारवाड़ी कालेज से फिल्म निर्माण में का भी डिप्लोमा का कोर्स किया है.