रांची से संजीव सिंह की रिपोर्ट
Ranchi News: आइसा और आरवाईए द्वारा क्लस्टर सिस्टम, नीट सहित तमाम परीक्षाओं में पेपर लीक और सीबीएसई की ऑन-स्क्रीन मार्किंग (OSM) प्रणाली में गड़बड़ी के खिलाफ 29 मई 2026 को राज्यव्यापी चक्का जाम किया गया है. हजारीबाग, बोकारो आदि जगहों पर बीच सड़क पर विरोध स्वरूप धरना देकर यातायात बाधित कर दिया है. एनएच पर ट्रकों को लंबी लाइन लग गई है.
उच्च शिक्षा को निजीकरण की ओर ले जाने का आरोप
रांची में भी सदस्यों द्वारा कई जगहों पर जुलूस निकाला गया है. आंदोलन कर रहे सदस्यों का कहना है कि उच्च एवं तकनीकी शिक्षा विभाग, झारखंड सरकार द्वारा जारी हालिया संकल्प राज्य की उच्च शिक्षा संरचना को तेजी से निजीकरण और कॉरपोरेट मॉडल की ओर ले जा रहा है. विश्वविद्यालयों और महाविद्यालयों में शैक्षणिक–गैर शैक्षणिक पदों के पुनर्गठन के बहाने पदों में भारी कटौती, छात्रों की सीटों में कमी और कॉलेजों को क्लस्टर सिस्टम में बांटने की पहल का सीधा प्रभाव वंचित समुदायों और सबसे ज्यादा महिलाओं पर पड़ेगा. इससे उनका ड्रॉपआउट रेट बढ़ेगा, उच्च शिक्षा तक पहुंच और सीमित हो जाएगी तथा गुणवत्तापूर्ण अध्ययन बाधित होगा. रेगुलर कोर्सों की जगह वोकेशनल और सेल्फ-फाइनेंस मोड को बढ़ावा देने की नीति छात्रों पर आर्थिक भार बढ़ाएगी. शिक्षण संस्थाओं को ऋण आधारित प्रणाली बनाने की सीधे-सीधे कोशिश है दूसरी तरफ नीट, नेट एसएससी सहित विभिन्न परीक्षा में गड़बड़ी से विद्यार्थी परेशान हैं.
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