संजीव सिंह
रांची : झारखंड में शराब टेंडर और उत्पाद नीति से जुड़े कथित अनियमितताओं के मामले में भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) ने जांच तेज कर दी है. जांच के क्रम में ACB ने राज्य के उत्पाद विभाग और झारखंड स्टेट बेवरेज कॉरपोरेशन लिमिटेड (JSBCL) से जुड़े तीन वरिष्ठ अधिकारियों को पूछताछ के लिए समन जारी किया है. इन सभी अधिकारियों को 4 अगस्त 2026 को ACB के समक्ष उपस्थित होने का निर्देश दिया गया है.
दस्तावेजों और साक्ष्यों का हो रहा है मिलान
ACB के अनुसार राज्य की उत्पाद नीति, शराब आपूर्ति व्यवस्था, JSBCL की प्रक्रियाओं तथा उनसे जुड़ी कथित वित्तीय और प्रशासनिक अनियमितताओं की जांच जारी है. जांच के दौरान पहले दर्ज किए गए बयानों का उपलब्ध दस्तावेजों और अन्य साक्ष्यों से मिलान किया जा रहा है. जहां आवश्यकता महसूस हो रही है, वहां संबंधित अधिकारियों और अन्य व्यक्तियों को दोबारा बुलाकर स्पष्टीकरण लिया जा रहा है.
किन अधिकारियों को किया गया तलब
- गजेन्द्र सिंह, तत्कालीन संयुक्त आयुक्त, उत्पाद विभाग
- सुधीर कुमार दास, तत्कालीन महाप्रबंधक (वित्त), JSBCL
- अमित प्रकाश, तत्कालीन उत्पाद आयुक्त
ब्यूरो के अनुसार इन अधिकारियों से पूर्व में दर्ज बयानों और उपलब्ध दस्तावेजों के आधार पर विस्तृत पूछताछ कर आवश्यक स्पष्टीकरण लिया जाएगा.
टेंडर प्रक्रिया के हर पहलू की हो रही जांच
ACB शराब टेंडर प्रक्रिया से जुड़े सभी पहलुओं की जांच कर रहा है. इसमें टेंडर की मूल शर्तें, बाद में किए गए बदलाव, संबंधित अधिकारियों और संस्थाओं की भूमिका तथा टेंडर में भाग लेने वाली कंपनियों की पूरी प्रक्रिया की पड़ताल की जा रही है. इसके अलावा बैंक गारंटी, भुगतान प्रक्रिया, सरकारी राजस्व की वसूली और अन्य वित्तीय दायित्वों से जुड़े रिकॉर्ड की भी जांच की जा रही है. ब्यूरो यह भी पता लगा रहा है कि कहीं प्रक्रिया में किसी प्रकार की कमी या लापरवाही के कारण सरकार को राजस्व का नुकसान तो नहीं हुआ.
शराब आपूर्ति से लेकर ऑडिट रिकॉर्ड तक की पड़ताल
जांच एजेंसी शराब की आपूर्ति व्यवस्था, दुकानों के हिसाब-किताब, नकद संग्रह, बैंक में राशि जमा कराने की प्रक्रिया, ऑडिट रिपोर्ट और राजस्व वसूली से जुड़े दस्तावेजों की भी जांच कर रही है. इसके साथ ही संबंधित बैठकों में लिए गए निर्णय, अधिकारियों को दिए गए निर्देश और उनके अनुपालन से जुड़े रिकॉर्ड का भी परीक्षण किया जा रहा है. ACB का कहना है कि जांच उपलब्ध साक्ष्यों और दस्तावेजों के आधार पर निष्पक्ष तरीके से आगे बढ़ाई जा रही है. आवश्यकता पड़ने पर अन्य अधिकारियों और संबंधित व्यक्तियों से भी पूछताछ की जाएगी.
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