अब चुकाना होगा एसएमएस अलर्ट का वास्तविक चार्ज

-रिजर्व बैंक ने दिया निर्देश -तकनीक का ज्यादा से ज्यादा इस्तेमाल करने को कहा -दिनेश केडिया- रांचीः बैंक ग्राहकों को अब एसएमएस अलर्ट के लिए ज्यादा पैसे चुकाने पड़ सकते हैं. रिजर्व बैंक ने सभी बैंकों को निर्देश दिया है कि वे ग्राहकों को भेजे जानेवाले एसएमएस अलर्ट के लिए वास्तविक चार्ज लें. यह चार्ज […]

-रिजर्व बैंक ने दिया निर्देश

-तकनीक का ज्यादा से ज्यादा इस्तेमाल करने को कहा

-दिनेश केडिया-

रांचीः बैंक ग्राहकों को अब एसएमएस अलर्ट के लिए ज्यादा पैसे चुकाने पड़ सकते हैं. रिजर्व बैंक ने सभी बैंकों को निर्देश दिया है कि वे ग्राहकों को भेजे जानेवाले एसएमएस अलर्ट के लिए वास्तविक चार्ज लें. यह चार्ज टेलीकॉम कंपनियों द्वारा तय किये जाते हैं. इसके साथ ही केंद्रीय बैंक ने बैंकों से कहा है कि तकनीक का ज्यादा से ज्यादा इस्तेमाल किया जाना चाहिए.

अभी फिक्स है चार्ज

एसएमएस अलर्ट के लिए अभी बैंक सभी ग्राहकों से निश्चित चार्ज लेता है. यह 60 रुपये से लेकर 200 रुपये तक सालाना है. ग्राहकों से तिमाही चार्ज लिया जाता है. भारतीय स्टेट बैंक द्वारा हर तिमाही 15 रुपये का चार्ज एसएमएस अलर्ट के रूप में लिया जाता है. जानकारों के अनुसार, कई ग्राहक ऐसे हैं, जो काफी कम बैंकिंग कार्य करते हैं. उनके लिए ये 15 रुपये भी ज्यादा हो जाते हैं. वहीं कई ग्राहक एटीएम का इस्तेमाल, ऑनलाइन शॉपिंग, ऑनलाइन पेमेंट, ट्रांजेक्शन आदि बहुत ज्यादा करते हैं, उन्हें भी 15 रुपये ही चुकाना होता है. इसी को संतुलित करने के लिए रिजर्व बैंक ने बैंकों से एसएमएस अलर्ट के लिए वास्तविक चार्ज वसूलने का निर्देश दिया है.

काफी फायदे हैं एसएमएस अलर्ट के

एसएमएस अलर्ट के काफी फायदे हैं. खाते में किसी भी प्रकार की हलचल होने पर इसकी सूचना ग्राहक के मोबाइल पर तुरंत आ जाती है. एटीएम से पैसे की निकासी हो या इंटरनेट बैंकिंग का इस्तेमाल. चेक क्लीयरेंस हो या खाते में सैलरी का आना. सभी की सूचना ग्राहकों को तुरंत एसएमएस के माध्यम से मिल जाती है. इससे कई मामलों में लोगों के पैसे बचे हैं. यही कारण है कि हाल के दिनों में एसएमएस अलर्ट की मांग काफी बढ़ गयी है.

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar Digital Desk

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >