कांटा टोली में ट्रैफिक पुलिस को जाम से नहीं, वसूली से मतलब

कांटा टोली में ट्रैफिक पुलिस को जाम से नहीं, वसूली से मतलब फोटो राज वर्मा व विमल देव कीसंवाददाता, रांची कांटा टोली में दिन भर जाम की स्थिति बनी रहती है़ लेकिन ट्रैफिक पुलिस का इससे कोई लेना-देना नहीं है. वह तो बस अपनी वसूली से मतलब रखती है. यहां जाम लगने का प्रमुख कारण […]

By Prabhat Khabar Digital Desk | November 2, 2015 9:39 PM

कांटा टोली में ट्रैफिक पुलिस को जाम से नहीं, वसूली से मतलब फोटो राज वर्मा व विमल देव कीसंवाददाता, रांची कांटा टोली में दिन भर जाम की स्थिति बनी रहती है़ लेकिन ट्रैफिक पुलिस का इससे कोई लेना-देना नहीं है. वह तो बस अपनी वसूली से मतलब रखती है. यहां जाम लगने का प्रमुख कारण है अवैध ऑटो का पड़ाव. कांटाटोली चौक से थोड़ा आगे हजारीबाग रोड की तरह करीब 100 मीटर तक एक लाइन से ऑटो लगा रहता है. इस कारण वहां सड़क संकरी हो जाती है और यह जाम लगने का प्रमुख कारण बनता है. दरअसल पुलिस वाले इन ऑटो वालों से अवैध वसूली कर इन्हें यहां ऑटो लगाने की छूट देते हैं. सुबह में नौ से 11 बजे तक व शाम में चार से छह बजे तक तक इस रोड में लंबा जाम लगा रहता है़ हालांकि यहां ट्रैफिक पुलिस की भी तैनाती की गयी है़ लेकिन पुलिस वाले ऑटो वालों पर ध्यान नहीं देते और अवैध वसूली में लगे रहते हैं. खेलगांव चौक पर सिर्फ एक सिपाही दिखता है काम करते खेलगांव चौक पर चार ट्रैफिक सिपाहियों की तैनाती की गयी है. लेकिन इनमें से एक सिपाही ही काम करता दिखता है. बाकी तीन अन्य सिपाही शिकार की तलाश में रहते है़ं रांची के बाहर के नंबर वाले बोलेरो, जीप या भाड़े का चार पहिया वाहन देखते ही उनकी बांछे खिल जाती है़ं वैसे वाहन को देखते ही सिपाही उन पर टूट पड़ते हैं जैसे उस वाहन चालक ने कितना बड़ा अपराध कर दिया हो. इतना ही नहीं दोपहिया चालकों को भी ये ट्रैफिक सिपाही पकड़ कर वसूली करते दिखते है़ं