मशीन लगी, पर नहीं शुरू हुई स्टांप पेपर की छपाई
रांची : झारखंड स्टेट बार काउंसिल को सरकार की ओर से एडवोकेट वेलफेयर स्टांप छापने के लिए लाइसेंस प्रदान किया गया है. सात अप्रैल को सांसद संजीव कुमार के फंड से हाइकोर्ट परिसर में दो और सिविल कोर्ट रांची परिसर में एक फ्रैंकिंग मशीन लगायी गयी थी. मशीन लगे लगभग दो माह होने जा रहे […]
रांची : झारखंड स्टेट बार काउंसिल को सरकार की ओर से एडवोकेट वेलफेयर स्टांप छापने के लिए लाइसेंस प्रदान किया गया है. सात अप्रैल को सांसद संजीव कुमार के फंड से हाइकोर्ट परिसर में दो और सिविल कोर्ट रांची परिसर में एक फ्रैंकिंग मशीन लगायी गयी थी.
मशीन लगे लगभग दो माह होने जा रहे हैं, लेकिन अब तक एडवोकेट वेलफेयर स्टांप की छपाई नहीं शुरू हो पायी है.
फ्रैंकिंग मशीन की आपूर्ति करने वाली कंपनी पिकनी वोज की ओर से डिपोजेटरी और सिक्युरिटी सिस्टम दुरुस्त नहीं करने की वजह से स्टांप पेपर नहीं छप रहे हंै. काउंसिल का मानना है कि सिक्यूरिटी और डिपोजेटरी सिस्टम नहीं होने से स्टांप का गलत इस्तेमाल हो सकता है.
पहले भी स्टांप घोटाले हो चुके हैं. बार काउंसिल ने आइजी रजिस्ट्रेशन व कंपनी को पत्र लिख कर इसकी जानकारी दी है. कहा गया है कि यदि इसमें सुधार नहीं हुआ, तो कंपनी को फ्रैंकिंग मशीन लगाने का कार्यादेश नहीं देगी. काउंसिल ने राज्य में स्टांप पेपर की किल्लत को समाप्त करने के लिए 10 जिलों में फ्रैंकिंग मशीन लगाने की योजना बनायी है. इसे लेकर सांसद मद से फंड भी आवंटित किया गया है.
स्टांप पेपर से होती एक करोड़ की आय
एडवोकेट वेलफेयर स्टांप के माध्यम से फिलहाल बार काउंसिल को लगभग एक करोड़ रुपये की आय होती है. इसका उपयोग वकीलों के कल्याण को लेकर किया जाता है. न्यायालय में शपथ पत्र और वकालतनामा दाखिल करने के दौरान 15 रुपये का एडवोकेट वेलफेयर स्टांप लगाना अनिवार्य है.
हो सकती है स्टांप पेपप की किल्लत
झारखंड स्टेट बार काउंसिल को स्टांप छापने का लाइसेंस मिलने के बाद इसकी आपूर्ति नासिक से नहीं की जायेगी. फिलहाल नासिक की ओर से उपलब्ध कराये एडवोकेट वेलफेयर स्टांप का इस्तेमाल न्यायिक कार्यो में हो रहा है. उपलब्ध स्टॉक समाप्त होने के बाद फिर से स्टांप की कमी हो सकती है.
काउंसिल गंभीर, नहीं होगी किल्लत : शुक्ल
झारखंड स्टेट बार काउंसिल के वाइस चेयरमैन राजेश कुमार शुक्ल ने पूछे जाने पर बताया कि स्टांप की किल्लत नहीं होने दी जायेगी. बार काउंसिल इसको लेकर गंभीर है. जल्द ही इस समस्या का समाधान किया जायेगा.
