झारखंड के 30 हजार वकील 9 मई तक न्यायिक कार्यों से रहेंगे अलग, स्टेट बार काउंसिल की वर्चुअल बैठक में लिया गया फैसला

Coronavirus in Jharkhand (रांची) : झारखंड स्टेट बार काउंसिल ने निर्णय लिया है कि राज्य भर के 30 हजार वकील अब आगामी 9 मई, 2021 तक न्यायिक कार्य से अलग रहेंगे. हालांकि, कोविड के PIL की सुनवाई में जो वकील जुड़े हुए हैं, उन्हें वर्चुअल तरीके से सुनवाई में छूट दी गयी है. रविवार को झारखंड स्टेट बार काउंसिल की हुई वर्चुअल बैठक में यह निर्णय लिया गया. बैठक की अध्यक्षता काउंसिल के अध्यक्ष राजेंद्र कृष्ण ने की.

By Prabhat Khabar Digital Desk | May 3, 2021 6:32 PM

Coronavirus in Jharkhand (रांची) : झारखंड स्टेट बार काउंसिल ने निर्णय लिया है कि राज्य भर के 30 हजार वकील अब आगामी 9 मई, 2021 तक न्यायिक कार्य से अलग रहेंगे. हालांकि, कोविड के PIL की सुनवाई में जो वकील जुड़े हुए हैं, उन्हें वर्चुअल तरीके से सुनवाई में छूट दी गयी है. रविवार को झारखंड स्टेट बार काउंसिल की हुई वर्चुअल बैठक में यह निर्णय लिया गया. बैठक की अध्यक्षता काउंसिल के अध्यक्ष राजेंद्र कृष्ण ने की.

इस दौरान यह बात भी सामने आयी कि वर्चुअल और फिजिकल सुनवाई से अलग रहने के कारण अधिवक्ता में कोरोना संक्रमण कम हुआ है. इस वर्चुअल बैठक में काउंसिल के अध्यक्ष के अलावा उपाध्यक्ष राजेश शुक्ल, सचिव राजेश पांडेय, कार्यकारिणी सदस्य संजय विद्रोही समेत अन्य उपस्थित थे.

न्यायिक कार्यों से अलग रहने का निर्णय

इसके पूर्व गत 25 अप्रैल को काउंसिल की समीक्षा बैठक में वकीलों के न्यायिक कार्यों से अलग रहने की तिथि 2 मई तक बढ़ायी गयी थी. इससे पहले झारखंड में कोरोना के बढ़ते संक्रमण को देखते हुए पहली बार विगत 18 अप्रैल को काउंसिल की आपात बैठक में वकीलों के न्यायिक कार्य से अलग रहने का निर्णय लिया गया. अब झारखंड के 30 हजार वकील आगामी 9 मई तक न्यायिक कार्यों से अलग रहेंगे. आगामी 9 मई को एक बार फिर समीक्षा बैठक होगी, जिसमें काउंसिल द्वारा आगे की रणनीति तय की जायेगी.

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किसी भी कोर्ट के न्यायिक कार्य से रहेंगे अलग

झारखंड स्टेट बार काउंसिल के सचिव राजेश पांडेय ने बताया कि 9 मई तक राज्य के वकील हाईकोर्ट, ट्रिब्यूनल, एग्जीक्यूटिव कोर्ट, सिविल काेर्ट, अनुमंडलीय न्यायालय या अन्य कोर्ट, इन सभी में वर्चुअल या फिजिकल रूप से भाग नहीं लेंगे. इसके अलावा वकीलों के मुंशी या क्लर्क भी कोर्ट के समक्ष किसी तरह की फाइलिंग 9 मई तक नहीं करेंगे. राज्य के सभी जिला बार एसोसिएशन के अध्यक्ष और सचिव को पत्र के माध्यम से सूचना दे दी गयी है.

अब तक 3 वकील व रिटायर्ड असिस्टेंट रजिस्टर की हो चुकी है मौत

विगत 5 दिनों में झारखंड हाईकाेर्ट के तीन अधिवक्ता राजीव आनंद, प्रवीण कुमार राणा व प्रवीण कुमार का निधन हो गया है. एडवोकेट एसोसिएशन झारखंड हाईकोर्ट के अध्यक्ष ऋतु कुमार, महासचिव नवीन कुमार और कोषाध्यक्ष धीरज कुमार ने इन तीनों अधिवक्ताओं के निधन पर शोक संवेदना प्रकट की है. उन्होंने कहा कि कोरोना संक्रमण ने एसोसिएशन के कई सदस्यों को असमय हमारे बीच से छिन लिया. विगत 2 माह के अंदर एडवोकेट्स एसोसिएशन ने कई सदस्यों को खोया है.

एसोसिएशन ने सरकार से जिन अधिवक्ताओं की मौत कोरोना संक्रमण से हुई है, उनके परिजनों को कम से कम 10 लाख रुपये की आर्थिक सहायता की मांग की है. वहीं, दूसरी ओर झारखंड हाईकोर्ट के रिटायर असिस्टेंट रजिस्टर राय निर्मल चंद्र का भी निधन हो गया. वह भी कोरोना संक्रमित थे. रिम्स में उनका इलाज चल रहा था.

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Posted By : Samir Ranjan.

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