एक्ट में संशोधन का विरोध राष्ट्रपति को पत्र भेजा
रांची. आदिवासी सरना धर्म समाज ने सीएनटी एक्ट में संशोधन के खिलाफ राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री एवं सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश को पत्र भेजा है. आदिवासी धर्म समाज के लक्ष्मी नारायण मंुडा ने कहा है कि राज्य की जनजातीय सलाहकार परिषद (टीएसी) द्वारा 27 सितंबर 2014 की बैठक में सीएनटी एक्ट की धारा 46 में एक […]
By Prabhat Khabar Digital Desk |
November 27, 2014 9:02 PM
रांची. आदिवासी सरना धर्म समाज ने सीएनटी एक्ट में संशोधन के खिलाफ राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री एवं सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश को पत्र भेजा है. आदिवासी धर्म समाज के लक्ष्मी नारायण मंुडा ने कहा है कि राज्य की जनजातीय सलाहकार परिषद (टीएसी) द्वारा 27 सितंबर 2014 की बैठक में सीएनटी एक्ट की धारा 46 में एक आदिवासी द्वारा दूसरे आदिवासी की जमीन की खरीद-बिक्री के मामले में थाना क्षेत्र की बंदिश समाप्त करने से संबंधित प्रस्ताव पारित किया गया था. लक्ष्मी नारायण मंुडा ने कहा कि संशोधन होने से आदिवासी जन समुदाय के हितों को खतरा होगा. यह संशोधन चंद नवधनाढ्य आदिवासियों के हितों के लिए किया जा रहा है. पत्र में यह भी लिखा गया है कि जनजातीय उप योजना की राशि को आदिवासियों के कल्याण की जगह दूसरे मदों में इस्तेमाल किया जा रहा है.
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