पीपुल्स कन्वेंशन : मोरहाबादी में हुए आयोजन में बोले वक्ता
रांची : सर्वधर्म सामाजिक व सांस्कृतिक संगठनों द्वारा सीएए, एनपीआर, एनआरसी और झारखंड के ज्वलंत मुद्दों पर संगम गार्डेन मोरहाबादी में पीपुल्स कन्वेंशन का आयोजन हुआ. इसमें लोगों ने कहा कि एनपीआर, एनआरसी, सीएए असंवैधानिक है. झारखंड सरकार 28 फरवरी से होनेवाले विधानसभा सत्र में प्रस्ताव लाकर इस कानून को खारिज करे. यह कन्वेंशन रांची समेत देशभर में चल रहे शांतिपूर्ण प्रदर्शन, रैलियों का नैतिक-शारीरिक समर्थन करता है.
यह मजहब की नहीं, संविधान की लड़ाई
डाॅ शगुफ्ता यास्मीन ने कहा कि इस कानून के खिलाफ रांची में महिलाएं एक महीने से ज्यादा समय से सड़क पर बैठी है, पर सरकार को फर्क नहीं पड़ रहा. शायद अब जेल भरो आंदोलन की जरूरत है. मां, बहनें, औरतें जेल भरने के लिए तैयार हैं. यह मजहब की नहीं, मुल्क व संविधान की लड़ाई है. पूर्व सांसद फुरकान अंसारी ने कहा कि एनआरसी जब असम में असफल हुआ, तो सीएए लाया गया. इसमें मुसलमानों को अलग क्यों रखा गया? इसी से उनकी मंशा पर शक उत्पन्न होता है. यह मुद्दा 2024 के लोकसभा चुनाव तक खींचा जायेगा.
पांचों कमिशनरी में होगा पीपुल्स कन्वेंशन
इस अवसर पर निर्णय लिया गया कि झारखंड के पांचों कमिशनरी में पीपुल्स कन्वेंशन किया जायेगा. अप्रैल में मोरहाबादी मैदान में महारैली होगी.
जन जागरूकता के लिए पर्चा, पोस्टर, साहित्य, रंगमंचीय गतिविधियों की मदद ली जायेगी. कन्वेंशन के प्रस्तावों के साथ जल्द ही एक प्रतिनिधिमंडल मुख्यमंत्री से मिलेगा. मौके पर पूर्व केंद्रीय मंत्री सुबोधकांत सहाय, भाकपा माले के राज्य सचिव जनार्दन प्रसाद, सीपीएम के राज्य सचिव जीके बख्शी, सीपीआइ के पूर्व राज्य सचिव केडी सिंह, राजद झारखंड के उपाध्यक्ष राजेश यादव, डॉ करमा उरांव, प्रेमचंद्र मुर्मू, प्रोफेसर ज्यां द्रेज, थियोडोर किड़ो, महेंद्र पीटर तिग्गा, अजय तिर्की व अन्य मौजूद थे. संविधान की प्रस्तावना के पाठ से कार्यक्रम की शुरुआत की गयी.
