रांची : चार हजार अनट्रेंड पारा शिक्षकों के लिए केंद्र से मांगा एक मौका

रांची : राज्य सरकार ने झारखंड के अप्रशिक्षित चार हजार पारा शिक्षकों को एक और अवसर देने के लिए केंद्र सरकार को पत्र लिखा है. स्कूली शिक्षा व साक्षरता विभाग के मंत्री जगरनाथ महतो ने इस संबंध में केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्री डॉ रमेश पोखरियाल निशंक को पत्र लिखा है. शिक्षा मंत्री ने राज्य […]

By Prabhat Khabar Digital Desk | February 20, 2020 9:09 AM
रांची : राज्य सरकार ने झारखंड के अप्रशिक्षित चार हजार पारा शिक्षकों को एक और अवसर देने के लिए केंद्र सरकार को पत्र लिखा है. स्कूली शिक्षा व साक्षरता विभाग के मंत्री जगरनाथ महतो ने इस संबंध में केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्री डॉ रमेश पोखरियाल निशंक को पत्र लिखा है.
शिक्षा मंत्री ने राज्य में 31 मार्च 2019 तक प्रशिक्षण पूरा नहीं करने वाले लगभग चार हजार पारा शिक्षकों को एक और अवसर देने का आग्रह किया है. शिक्षा मंत्री द्वारा केंद्रीय मंत्री को लिखे गये पत्र में कहा गया है कि केंद्रीय मानव संसाधन विकास विभाग के निर्देश के अनुरूप प्रारंभिक शिक्षा के क्षेत्र में कार्यरत शिक्षकों को 31 मार्च 2019 तक शिक्षक प्रशिक्षण पूरा कर लेना था. जिसका अनुपालन राज्य सरकार द्वारा भी किया गया है. एनओआइएस द्वारा आयोजित डीएलएड परीक्षा में सम्मिलित होकर राज्य के अधिकतर अप्रशिक्षित शिक्षक शिक्षक प्रशिक्षित हो चुके हैं.
राज्य के लगभग चार हजार पारा शिक्षक अप्रशिक्षित रहे गये हैं. पारा शिक्षक संघ की ओर से लगातार प्रयास किया जा रहा है कि ऐसे शिक्षकों को नियोजन में रखा जाये. पर यह तय प्रावधान के कारण संभव नहीं हो पा रहा है. उल्लेखनीय है कि 31 मार्च 2019 तक शिक्षक प्रशिक्षण पूरा नहीं करने वाले शिक्षकों की सेवा स्वत: समाप्त होने की बात कही गयी थी. केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्री से अप्रशिक्षित पारा शिक्षकों की मांगों पर पहल करते हुए इस समस्या के स्थायी समाधान का अाग्रह किया गया है.
पारा शिक्षकों की समस्याओं का जल्द समाधान : मंत्री
शिक्षा मंत्री जगरनाथ महतो ने कहा है कि सरकार पारा शिक्षकों की समस्याओं समाधान को लेकर गंभीर है. 31 मार्च 2019 तक जो पारा शिक्षक प्रशिक्षण पूरा नहीं कर सके हैं, उन्हें एक और अवसर देने के लिए केंद्र को पत्र लिखा है. सेवा शर्त नियमावली बनाने की प्रक्रिया भी चल रही है. नियमावली पर पारा शिक्षकों के द्वारा दिये गये सुझाव पर विचार किया गया है.