रांची : ग्रामीण विकास मंत्री आलमगीर आलम ने कहा कि फिलहाल मनरेगा का सोशल ऑडिट नहीं कराया जा रहा है. मौखिक आदेश से यह बंद है. राज्य के कई विधायकों व मुखिया ने पत्र लिख कर जेएसएलपीएस से सोशल ऑडिट नहीं कराने का आग्रह किया है. उन्होंने कहा कि मनरेगा का सोशल ऑडिट जिलास्तरीय कमेटी बना कर कराया जायेगा.
इधर अर्थशास्त्री ज्यां द्रेज व खाद्य सुरक्षा को लेकर बनी सुप्रीम कोर्ट की कमेटी के सलाहकार बलराम ने ग्रामीण विकास मंत्री से मुलाकात की. ज्यां द्रेज ने कहा कि झारखंड में मनरेगा आइसीयू में है.
यह लोगों की लाइफ लाइन हो सकती है. मनरेगा की स्थिति को ठीक करने को लेकर मंत्री से आग्रह किया गया. साथ ही मिड डे मील में बच्चों को तीन दिन अंडा देने की बात कही गयी. वहीं बलराम ने कहा कि मनरेगा की सोशल ऑडिट स्वतंत्र इकाई से कराने की सलाह दी गयी. कहा गया कि विभाग की ओर से राज्य स्तर पर स्वतंत्र इकाई का गठन किया जाना चाहिए.
