रातू : भारत की जनवादी नौजवान सभा (डीवाइएफआइ) रांची जिला कमेटी के तत्वावधान में गुरुवार को राज्य कार्यालय रातू में वीर बुधु भगत का 188वां शहादत दिवस मनाया गया. मुख्य अतिथि कामरेड सुभाष मुंडा ने कहा कि वीर बुधु भगत लरका विद्रोह के प्रणेता थे.
वे अंग्रेजों के खिलाफ पहली अावाज बने. उन्होंने आदिवासियों व अन्य लोगों को संघर्ष करने का हौसला देने का काम किया. वे जानते थे कि अंग्रेजों को भगाये बगैर अपना शासन व संस्कृति बचाये रखना संभव नहीं है. इसलिए सभी जाति के लोगों को संगठित कर अंग्रेजों से बहादुरी से लड़े और शहीद हो गये. मुंडा ने कहा कि आज अाजादी के वर्षों बाद भी हमारी सभ्यता, संस्कृति व संपदा की लूट हो रही है. इसे बचाने के लिए सभी जाति-धर्मों के लोगों को संगठित कर संघर्ष करना होगा. मौके पर मधुवा कच्छप सहित अन्य उपस्थित थे.
