पिछली सरकार के कार्यों पर उठ रहे सवाल, एक-एक कर करायी जा रही जांच
रांची : रघुवर सरकार के कार्यकाल (2014-19) की कई बड़ी योजनाएं और काम वर्तमान हेमंत सरकार की कसौटी पर खरा उतरते नहीं दिख रहे हैं.उनकी उपलब्धियों को भी वर्तमान सरकार खारिज कर रही है. पूर्ववर्ती सरकार की कई कार्यों पर जांच बैठा दी गयी है, तो कुछ की जांच कराने की तैयारी है. हेमंत सरकार में रघुवर सरकार के कुछ फैसले पलटे भी जा सकते हैं.
एक लाख युवाओं को नौकरी में पेच : राज्य में वर्ष 2018 व 2019 में स्किल समिट का आयोजन किया गया था. वर्ष 2018 में 26 हजार व 2019 में एक लाख युवाओं को रोजगार देने का दावा किया गया था. अब इस पर सवाल खड़ा हो रहा है.
वर्ष 2018 में उच्च एवं तकनीकी शिक्षा विभाग व कौशल विकास विभाग द्वारा 15869, श्रम एवं प्रशिक्षण विभाग द्वारा 4418, खान व उद्योग विभाग द्वारा 198, ग्रामीण विकास विभाग द्वारा 2713, नगर विकास और आवास विभाग द्वारा 3317 व पर्यटन, कला, संस्कृति व खेलकूद विभाग द्वारा 3317 युवाओं को रोजगार देने की बात कही गयी थी. वर्ष 2018 में पहली बार एक साथ इतनी अधिक संख्या में युवाओं को रोजगार देने व इसे लिम्का वर्ल्ड बुक ऑफ रिकॉर्ड में दर्ज कराने की बात कही गयी थी.
इसके बाद वर्ष 2019 में एक लाख युवाओं को रोजगार देने का दावा किया गया. कुछ विभागों ने तो टारगेट से अधिक युवाओं को रोजगार दिलाया. अब इस पर सवाल उठ रहे हैं. जांच की मांग की जा रही है.
टेंडर बांटने की चल रही है जांच : भाजपा सरकार के कार्यकाल में राज्य के पथ निर्माण विभाग में टेंडर देने में गड़बड़ी के मामले सामने आये हैं. गोड्डा में फर्जी कागजात पर 51.62 करोड़ के सड़क निर्माण का काम यूनिक कंस्ट्रक्शन सूरत के नाम दे दिया गया था. किसी फर्जी व्यक्ति ने उक्त कंपनी के कागज का इस्तेमाल कर काम ले लिया था.
उसे 7.65 करोड़ भुगतान भी कर दिया गया था. मामले में कार्रवाई करते हुए हेमंत सरकार ने पथ निर्माण के इंजीनियर इन चीफ समेत कई इंजीनियरों को निलंबित कर दिया है.
शौचालय निर्माण योजना की होगी जांच : पेयजल एवं स्वच्छता विभाग ने झारखंड में 42,18,560 शौचालय निर्माण का दावा किया है. वर्ष 2018 में महात्मा गांधी की 150 जयंती के दिन झारखंड को ओडीएफ राज्य घोषित किया गया. लेकिन, भाजपा सरकार के इस दावे को कोई मान नहीं रहा है. शौचालय निर्माण योजना को बड़ा घोटाला माना जा रहा है.
पेयजल एवं स्वच्छता मंत्री मिथिलेश ठाकुर ने शौचालय निर्माण योजना की जांच की घोषणा कर दी है. गुमला में शौचालय निर्माण के नाम पर 150 करोड़ की निकासी कर ली गयी.
6500 बंद स्कूल फिर खुल सकते हैं : पिछली सरकार द्वारा 6500 विद्यालयों का विलय किया गया था. विलय के बाद विद्यालय बंद हैं. नयी सरकार द्वारा इन विद्यालयों को खोलने की बात कही जा रही है. सरकार द्वारा वैसे विद्यालयों को बंद किया गया था, जो शिक्षा का अधिकार अधिनियम के मापदंड को पूरा नहीं कर पा रहे थे. ग्लोबल इंवेस्टर समिट पर भी नजर : 16-17 फरवरी को राज्य सरकार द्वारा आयोजित ग्लोबल इंवेस्टर समिट शुरू से ही सवालों के घेरे में रहा.
इस समिट पर सरकार ने करीब 100 करोड़ रुपये खर्च किये. समिट के लिए किये गये कई काम शुरू से ही सवालों के घेरे में रहे. इसमें ‘लोगो’ पर खर्च, रोड शो, चार्टर सहित अन्य मुद्दे शामिल थे. देश-विदेश में किये गये रोड शो पर 3.68 करोड़ का खर्च भी सवालों के घेरे में रहा. तत्कालीन सीएम और अधिकारियों के दल की सिंगापुर यात्रा पर सबसे ज्यादा सवाल उठाये गये थे. दिसंबर के अंतिम सप्ताह में प्रस्तावित इस यात्रा की सूचना सिंगापुर स्थित भारतीय दूतावास को भेजी गयी थी.
हालांकि दूतावास के अधिकारियों ने यात्रा की तिथि बदलने का अनुरोध किया था. दूतावास की ओर से राज्य सरकार को भेजे पत्र में कहा गया था कि सिंगापुर में क्रिसमस की छुट्टियां हैं. इसलिए एेसे मौके पर रोड शो का ठोस परिणाम नहीं निकलेगा. दूतावास के अनुरोध को ठुकरा कर मुख्यमंत्री व अधिकारियों के दल ने सिंगापुर की यात्रा की. इस यात्रा में तत्कालीन सीएम के पुत्र भी उनके साथ गये थे.
इन पर है नजर
स्किल समिट में एक लाख युवाओं को राेजगार देने का वादा
दावा : इतनों को दिलाया रोजगार
विभागवार रोजगार
उच्च शिक्षा 12101
तकनीकी शिक्षा 5963
जेएसडीएमएस 44693
श्रम विभाग 10965
उद्योग विभाग 998
ग्रामीण विकास 12451
नगर विकास 14892
कल्याण विभाग 4556
पथ निर्माण विभाग में टेंडर घोटाला
गोड्डा में फर्जी कागजात पर 51.62 करोड़ के सड़क निर्माण का काम यूनिक कंस्ट्रक्शन कंपनी को मिला
7.65 करोड़ का भुगतान भी कर दिया गया, इंजीनियर इन चीफ समेत कई इंजीनियर निलंबित
शौचालय घोटाला
झारखंड में 42,18,560 शौचालय निर्माण का दावा
गुमला में 150 करोड़ का फर्जीवाड़ा
सर्वे में कई ओडीएफ मुक्त पंचायतों में लोग खुले में शौच करते पाये गये
ग्लोबल इंवेस्टर समिट
आयोजन पर रघुवर सरकार ने करीब 100 करोड़ रुपये खर्च किये
देश-विदेश में किये गये रोड शो पर 3.68 करोड़ का खर्च भी सवालों के घेरे में
स्कूलों का विलय
पिछली सरकार द्वारा 6500 विद्यालयों का विलय किया गया था. अब यह विद्यालय बंद हैं. नयी सरकार द्वारा इन विद्यालयों को खोलने की बात कही जा रही है
फैसले जो पलटे जा सकते हैं
चार हजार पारा शिक्षक को फिर से रखने की तैयारी : 31 मार्च 2019 तक प्रशिक्षण पूरा नहीं करने वाले हटाये गये चार हजार पारा शिक्षकों को फिर से रखने की तैयारी हो रही है. शिक्षा मंत्री ने प्रस्ताव तैयार करने को कहा है.
बंद होगी मुख्यमंत्री आशीर्वाद योजना : मुख्यमंत्री आशीर्वाद योजना बंद होगी. इससे 35 लाख किसानों को पांच-पांच हजार प्रति एकड़ मिलना था.
पिछली सरकार के कार्यों का ऑडिट होगा : सीएम
पिछली सरकार की जो भी कमियां थीं, वह धीरे-धीरे सामने आ रही हैं. पिछली सरकार के कार्यों का ऑडिट होगा. हमारी सरकार स्वच्छ और ईमानदार है.
काम करने का दौर शुरू हुआ है. राज्य की जो भी समस्याएं हैं, उनका धीरे-धीरे समाधान हो जायेगा. यह बात मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने रविवार को बरहरवा में कही. मुख्यमंत्री राजमहल में सांसद विजय हांसदा की रिसेप्शन पार्टी में शामिल होने बरहरवा के कालीतल्ला स्थित आवास पहुंचे थे. इस मौके पर उन्होंने कहा कि झारखंड का आगामी बजट लोगों के लिए खास होगा. बजट में आम लोगों का ख्याल रखा जायेगा. जिन उम्मीदों के साथ जनता ने हमें चुना है और हमने जो वादा किया है, उन पर खरा उतरने का काम करेंगे.
