रांची : बैंककर्मियों का कहना है कि अगर हमारी मांगें पूरी नहीं हुईं, तो 11 मार्च से 13 मार्च तक बैंकों में फिर हड़ताल की जायेगी. इसके बाद भी मांगें पूरी नहीं हुईं, तो हम एक अप्रैल से अनिश्चितकालीन आंदोलन करेंगे. गुरुवार को यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियन (यूएफबीयू), एआइबीओसी व अन्य यूनियनों ने प्रस्तावित हड़ताल को लेकर डोरंडा एसबीआइ के सामने शाम साढ़े पांच बजे प्रदर्शन किया. इसमें बड़ी संख्या में बैंककर्मी शामिल हुए.
एआइबीओसी, झारखंड के महासचिव सुनील लकड़ा ने कहा कि आनेवाले दिनों में हम प्रदर्शन, हस्ताक्षर अभियान, रैली, कैंडल मार्च, धरना, काली पट्टी लगा कर व प्रेस के जरिये केंद्र सरकार को एक बार फिर से चेतावनी देंगे. सरकार अगर हमारी मांगों पर गंभीरता से विचार नहीं करती है, तो फिर से हड़ताल पर जाने को बाध्य होंगे.
बैंकों को मर्ज करने से खत्म हो रहे रोजगार के अवसर : यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियन के नेताओं ने कहा कि वेतन पुनर्गठन समझौते को लागू नहीं किया जा रहा है.
यह लागू हो जाता, तो बैंककर्मियों को आर्थिक मदद मिलती. केंद्र एक के बाद एक बैंकों को मर्ज करते जा रहा है, लेकिन इन बैंकों की बकाया वसूली को लेकर कोई ठोस नीति नहीं है. हजारों करोड़ का बकाया डूब जायेगा. इसका नुकसान बैंक, उसमें काम करने वाले कर्मचारी और देश को होगा. इससे रोजगार के अवसर खत्म हो रहे हैं.
