रांची : नागरिकता संशोधन कानून (सीएए) को रद्द करने को लेकर दिल्ली के शाहीन बाग में महाधरना पर बैठीं सैकड़ों महिलाओं का झारखंड छात्र संघ व ऑल मुस्लिम यूथ एसोसिएशन के अध्यक्ष अली ने समर्थन किया.
दिल्ली जाकर अली महाधरना में भी शामिल हुए. अली ने सभा को संबोधित करते हुए कहा कि केंद्र सरकार ने संविधान की मूल भावना के साथ अनुच्छेद 14, 15 व 21 का उल्लंघन करते हुए तीन देशों के वैसे शरणार्थियों को नागरिकता देने के लिए सीएए कानून बनाया है, जिनके बाप-दादा ने देश बंटवारे के समय पाकिस्तान को अपना देश बताया केंद्र सरकार के इस निर्णय का खमियाजा भारत के मूल निवासी आदिवासी, दलित और पिछड़े वर्गों को अपनी भूमि, संस्कृति, रोजगार और आरक्षण में हिस्सा देकर उठाना पड़ेगा. ए नपीआर व एनआरसी के कारण उन्हें नागरिकता भी खोनी पड़ेगी़ मौके पर इन संगठनों के रहमतुल्लाह अंसारी, इरफान खान, अमन राज, हारिश आलम आदि थे.
