रांची : मॉडल स्कूल के छात्रों को अबतक नहीं मिली जेसीइआरटी की किताब

रांची : राज्य में कुल 89 मॉडल स्कूल हैं. वर्ष 2011 में 40 तथा 2013 में 49 मॉडल स्कूल केंद्रीय विद्यालय की तर्ज पर खोले गये. लेकिन मॉडल स्कूल के बच्चों को सरकार अब तक पाठ्यक्रम के अनुरूप किताबें उपलब्ध नहीं कर पायी हैं. विद्यालय के बच्चों को पहले तो समय पर किताबें ही नहीं […]

रांची : राज्य में कुल 89 मॉडल स्कूल हैं. वर्ष 2011 में 40 तथा 2013 में 49 मॉडल स्कूल केंद्रीय विद्यालय की तर्ज पर खोले गये. लेकिन मॉडल स्कूल के बच्चों को सरकार अब तक पाठ्यक्रम के अनुरूप किताबें उपलब्ध नहीं कर पायी हैं.
विद्यालय के बच्चों को पहले तो समय पर किताबें ही नहीं मिलीं, अब उन्हें एनसीइआरटी की किताबें दी जा रही हैं. जबकि राज्य के सरकारी विद्यालयों में पढ़ाई के लिए जेसीइआरटी द्वारा किताबें तैयार की जाती हैं. लेकिन, इसमें भी एक पेंच है. जेसीइआरटी द्वारा तैयार की गयी पुस्तकें हिंदी में हैं, उनका अब तक अंग्रेजी में अनुवाद नहीं कराया गया है. इस कारण बच्चों को एनसीइआरटी की किताबें दी जा रही हैं. जबकि परीक्षा जेसीइआरटी द्वारा तैयार किताबों के आधार पर ही ली जाती हैं. इससे विद्यार्थियों को काफी परेशानी होती है.
माॅडल स्कूलों में सभी विषय के शिक्षक नहीं
राज्य के मॉडल स्कूलों में सभी विषयों के शिक्षक भी नहीं हैं. स्कूल में कक्षा छह से 12वीं तक की पढ़ाई होती है. राज्य के मॉडल स्कूल में शिक्षकों की कमी है. अब तक स्थायी शिक्षक की नियुक्ति नहीं हुई है. पठन-पाठन का काम कांट्रैक्ट के शिक्षकों के भराेसे है. 90% से अधिक स्कूलों में सभी विषय के शिक्षक नहीं हैं.
विद्यालयों में खाली रह जाती हैं सीटें
मॉडल स्कूलों में कक्षा छह में नामांकन लिया जाता है. जैक परीक्षा का आयोजन करता है. एक स्कूल में 40 बच्चों के नामांकन लेने का प्रावधान है, पर प्रति वर्ष खाली रह जाती हैं.

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