रांची : महात्मा गांधी की 150वीं जयंती व सुभाष चंद्र बोस की 123वीं जयंती के उपलक्ष्य में गुरुवार को अारोग्य भवन बरियातू में खेतीपरक रोजगार हेतु युवा सम्मेलन का आयोजन किया गया. कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित केंद्रीय मंत्री अर्जुन मुंडा ने कहा कि हम नेताजी के विचारों को आत्मसात करके ही नये भारत का निर्माण कर सकते हैं. आज हम भले ही यह कह लें कि हम आजाद हैं, लेकिन असली आजादी तब होगी जब हम खुद को आत्मनिर्भर कर लेंगे.
न सिर्फ हम खुद आत्मनिर्भर होंगे, बल्कि हमें सामूहिकता में आगे बढ़ना होगा. संस्था के सचिव डॉ अशोक भगत ने कहा कि नेताजी व गांधीजी की विचारधारा को एक साथ लेकर चलने की जरूरत है. यह देश तभी स्वावलंबी होगा, जब युवा सक्षम एवं स्वाभिमानी होंगे. जल, जंगल, जमीन और देश को बचाना होगा. कार्यक्रम को संबोधित करते हुए लेफ्टिनेंट जनरल ज्ञान भूषण ने कहा कि नेताजी ने आजाद हिंद फौज का गठन तब किया, जब उनके पास कोई संसाधन नहीं था.
उन्होंने कई ऐसे कार्य किये, जिसके बारे में हम सोच भी नहीं सकते हैं. राज्य खाद्य आयोग की सदस्य रंजना चौधरी और डॉ श्यामा प्रसाद मुखर्जी विवि के कुलपति सत्यनारायण मुंडा ने भी अपनी बातें रखीं. इस दौरान 15 युवक-युवतियों को कृषि एवं कौशल विकास के क्षेत्र में महत्वपूर्ण कार्य करने हेतु पुरस्कृत किया गया. कार्यक्रम की अध्यक्षता संस्था के अध्यक्ष डॉ केके नाग व धन्यवाद ज्ञापन डॉ अजय सिंह ने किया.
