रांची : सरकारी स्कूलों के सर्टिफिकेशन को लेकर होनेवाली परीक्षा के लिए अब प्रश्न पत्र छपेगा. प्रश्न पत्र की छपाई जिला स्तर पर होगी. झारखंड शिक्षा परियोजना ने इस संबंध में दिशा-निर्देश जारी किया है. परियोजना द्वारा जिलों को भेजे गये पत्र में कहा गया है कि क्षेत्र से प्राप्त जानकारी के आधार पर यह निर्णय लिया गया है कि विद्यालयों के सर्टिफिकेशन के लिए अब प्रश्न पत्र की छपाई की जायेगी.
स्कूलों की सर्टिफिकेशन परीक्षा के लिए छपेगा प्रश्न पत्र
रांची : सरकारी स्कूलों के सर्टिफिकेशन को लेकर होनेवाली परीक्षा के लिए अब प्रश्न पत्र छपेगा. प्रश्न पत्र की छपाई जिला स्तर पर होगी. झारखंड शिक्षा परियोजना ने इस संबंध में दिशा-निर्देश जारी किया है. परियोजना द्वारा जिलों को भेजे गये पत्र में कहा गया है कि क्षेत्र से प्राप्त जानकारी के आधार पर यह […]

विद्यालयों को प्रश्न पत्र उपलब्ध कराया जायेगा. जिससे कि परीक्षा ठीक ढंग से हो सके. इससे पहले ब्लैक बोर्ड पर प्रश्न लिख कर परीक्षा ली जाती थी. इसके लिए बीआरपी-सीआरपी को व्हाट्सएप पर प्रश्न भेजा जाता था. विद्यालयों के सर्टिफिकेशन के सत्यापन को लेकर भी दिशा-निर्देश जारी किया गया है.
परियोजना द्वारा जिलों को भेजे गये पत्र में कहा गया है कि बीआरपी-सीआरपी को पूर्व में 823 विद्यालयों के सर्टिफिकेशन का सत्यापन करना था, जिसमें से 626 विद्यालय का एक बार भी सत्यापन नहीं किया गया. सर्टिफिकेशन के लिए परीक्षा फरवरी में होगी.
नवोदय विद्यालय में प्रवेश के लिए 3,823 ने दी परीक्षा
रांची. जिले के विभिन्न केंद्रों में नवोदय विद्यालय प्रवेश परीक्षा शनिवार को शांतिपूर्वक संपन्न हुर्इ. प्रवेश परीक्षा को लेकर छोटे-छोटे बच्चों में काफी उत्साह देखा गया. रांची जिले में प्रवेश परीक्षा के लिए कुल 15 परीक्षा केंद्र बनाये गये थे.
तीन घंटे की परीक्षा में शामिल होने के लिए 5,194 बच्चों ने रजिस्ट्रेशन कराया था. इनमें से 3,823 परीक्षार्थी ही उपस्थित हुए. जबकि 1,371 परीक्षार्थी अनुपस्थित रहे. छठी से 12वीं तक की पढ़ाई के लिए आयोजित प्रवेश परीक्षा के लिए छात्र-छात्राओं ने ऑनलाइन आवेदन किया था.
नवोदय विद्यालय रांची के प्राचार्य डॉ एके झा ने कहा कि परीक्षा पूरी तरह से कदाचारमुक्त व शांतिपूर्ण माहौल में संपन्न हुर्इ. गौरतलब हो कि राज्य के 24 नवोदय विद्यालयों में 1,920 सीटों पर प्रवेश के लिए करीब एक लाख नौ हजार बच्चों ने आवेदन किया था. एक विद्यालय के अंदर 80 बच्चों को प्रतियाेगिता में सफल रहने पर प्रवेश मिलता है.