मजदूर ने की आत्महत्या निदेशक व अन्य पर केस

ओरमांझी : बिरसा जैविक उद्यान के दैनिक मजदूर राजेंद्र महतो ने शनिवार सुबह लगभग 7.30 बजे उद्यान परिसर में ही जहर खा लिया, जिससे उसकी मौत हो गयी. आत्महत्या करने से पहले उसने सहयोगी मजदूरों से फोन पर कहा था कि हम जहर खा लिये हैं, अब नहीं बचेंगे. मेरे परिवार को देखना. सहयोगियों ने […]

ओरमांझी : बिरसा जैविक उद्यान के दैनिक मजदूर राजेंद्र महतो ने शनिवार सुबह लगभग 7.30 बजे उद्यान परिसर में ही जहर खा लिया, जिससे उसकी मौत हो गयी. आत्महत्या करने से पहले उसने सहयोगी मजदूरों से फोन पर कहा था कि हम जहर खा लिये हैं, अब नहीं बचेंगे. मेरे परिवार को देखना. सहयोगियों ने तुरंत इसकी सूचना उद्यान के अधिकारियों को दी. अधिकारियों ने उसे गंभीर हालत में मेदांता अस्पताल में भर्ती कराया, जहां दोपहर दो बजे उसकी मौत हो गयी.

इधर, राजेंद्र की पत्नी उर्मिला देवी ने मानसिक रूप से प्रताड़ित करने व आत्महत्या के लिए मजबूर करने के आरोप में उद्यान के निदेशक डी बैंकटेश्वरलू, पशु चिकित्सक डॉ अजय कुमार, वन क्षेत्र पदाधिकारी नागेंद्र चौधरी व वनरक्षी श्याम कुमार के विरुद्ध ओरमांझी थाना में मामला दर्ज कराया है.
प्रबंधन पर लगाया प्रताड़ना का आरोप:
दैनिक मजदूरों के अनुसार नौ जनवरी को उद्यान घूमने आये गुमला के शंकर मांझी की बोलेरो (जेएच07इ-0251) उद्यान की पार्किंग से चोरी हो गयी थी. उस दिन पार्किंग में राजेंद्र महतो ड्यूटी पर था. मजदूरों का आरोप है कि बोलेरो चोरी होने के बाद से ही राजेंद्र महतो सहित अन्य मजदूरों को प्रबंधन प्रताड़ित कर रहा था.
साथ ही बोलेरो के एवज में सात लाख रुपये की भरपाई करने की बात कही गयी थी. राशि जमा नहीं करने पर जेल भेजने की धमकी दी गयी थी. इसके बाद से ही राजेंद्र महतो परेशान था.
इसी से तंग आकर उसने जहर खा लिया. मजदूरों का यह भी आरोप है कि एक माह पूर्व भी उद्यान की पार्किंग से एक स्कूटी चोरी हो गयी थी. उस समय भी स्कूटी के बदले 45 हजार रुपये दैनिक मजदूरों से वसूल कर स्कूटी मालिक को दी गयी थी.
मरने से पहले साथियों को फोन पर दी थी सूचना
डॉक्टर व अधिकारी ने कहा, आरोप गलत है
उद्यान के निदेशक डी बैंकटेश्वलू हैदराबाद में हैं. इस कारण उनका पक्ष नहीं मिल सका. वहीं राजेंद्र महतो को मानसिक रूप से प्रताड़ित करने के आरोप को लेकर पूछे जाने पर जैविक उद्यान के पशु चिकित्सक डॉ अजय कुमार व वन क्षेत्र पदाधिकारी नागेंद्र चौधरी ने कहा कि यह आरोप गलत है. किसी भी प्रकार से राजेंद्र महतो को प्रबंधन की अोर से प्रताड़ित किया गया है.
पांच घंटे चली वार्ता, लेकिन विफल रही
राजेंद्र की मौत को लेकर परिजनों के साथ पूर्व सांसद रामटहल चौधरी, सिल्ली डीसीपी चंद्रशेखर आजाद, उद्यान के अधिकारियों, प्रदेश भाजपा उपाध्यक्ष आदित्य साहू, उप प्रमुख जयगोबिंद साहू व अन्य की उपस्थिति में पांच घंटे तक वार्ता हुई. लेकिन नतीजा नहीं निकला.
मृतक के भाई सुनील महतो ने प्रशासन से कहा कि उर्मिला देवी को सरकार की अोर आजीवन पेंशन, परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी, 20 लाख रुपये सहायता राशि, दोनों बच्चों अनु कुमारी (15) व रोहित कुमार (10) की पढ़ाई का पूरा खर्च उद्यान प्रबंधन उठाये. इस संबंध में लिखित समझौता हो, तभी शव ले जायेंगे. समझौता होने तक शव मेदांता के शवगृह में ही रखने का निर्णय लिया गया.
मांग पूरी नहीं होने पर होगा प्रदर्शन
रामटहल चौधरी ने कहा 12 जनवरी को 12 बजे तक मांग पूरी नहीं करने पर उद्यान के मुख्य द्वार को जाम कर प्रदर्शन किया जायेगा, जिसकी जवाबदेहीप्रबंधन की होगी. वन क्षेत्र पदाधिकारी रामचंद्र पासवान, नागेंद्र चौधरी, रामलखन पासवान, डॉ अजय कुमार ने लिखित दिया कि 12 जनवरी को 12 बजे तक हल निकाल लिया जायेगा, तब लोग माने.
बोलेरो लातेहार से बरामद
दूसरी ओर उद्यान की पार्किंग से चोरी हुई बोलेरो को लातेहार पुलिस ने शनिवार को लातेहार के जंगल से बरामद कर लिया है. वहीं, घटना के बाद उद्यान के दैनिक मजदूर शनिवार को दिन भर काम पर नहीं गये. राजेंद्र महतो की मौत को लेकर उद्यान में दिन भर प्रबंधन के विरोध में बैठक करते रहे.

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