दस ट्रेड यूनियनों की हड़ताल में झारखंड के सभी श्रम संगठनों ने की भागीदारी
रांची : मोदी सरकार की नीतियों को जनविरोधी बताते हुए देश की दस ट्रेड यूनियनों द्वारा बुलायी देशव्यापी हड़ताल का असर राज्य में भी देखा गया. झारखंड में संबद्ध सभी श्रम संगठनों ने यूनियन के बैनर तले बंद में भागीदारी की. बंद का खदान क्षेत्रों में ज्यादा असर देखा गया. सुबह से ही राज्य के अलग-अलग हिस्सों में हड़ताल का असर दिखने लगा था.
यहां कोयले व खनिजों की सप्लाई और उठाव लगभग ठप रही. मजदूर दिनभर काम पर नहीं आये. यूनियन के मुताबिक, खदान क्षेत्रों में बंद ज्यादा असरदार रहा. इस्टर्न कोल फील्ड्स में 100 प्रतिशत, जबकि सीसीएल और बीसीसीएल क्षेत्र में 60 फीसदी इलााकों में बंद असरदार होने के दावे किये गये. हड़ताल के दौरान ट्रेड यूनियनों ने बड़ी पब्लिक सेक्टर यूनिट्स, महत्वपूर्ण इंफ्रास्ट्रक्चर का निजीकरण करने की सरकार की नीति का विरोध किया. इसमें एयरपोर्ट, टेलीकॉम, फाइनेंशियल सेक्टर को विशेष तौर पर शामिल हैं. स्ट्राइक में भारतीय स्टेट बैंक, सहकारी बैंक और भारतीय मजदूर संघ ने खुद को शामिल नहीं किया.
डाक से लेकर बीमा तक मिला समर्थन : वाम संगठनों से जुड़ी ट्रेड यूनियन की हड़ताल में बड़े पैमाने पर लोगों व केंद्रीय कर्मचारी संगठनों ने भी अपना समर्थन दिया. औद्योगिक क्षेत्रों में हड़ताल ज्यादा असरदार रहा. यूनियन नेताओं के मुताबिक, बुधवार की हड़ताल में सरकारी कर्मचारी, बैंक और बीमा क्षेत्र के कर्मचारी शामिल हुए. इस दौरान डाक, बीमा, सेल्स, टेलीकॉम, हेल्थ, एजुकेशन, स्टील, कोल, बैंकिंग, इंश्योरेंस और ट्रांसपोर्ट जैसे सेक्टर्स ने हड़ताल का समर्थन किया.
कोयले व खनिजों की सप्लाई व उठाव ठप, मजदूर दिनभर काम पर नहीं आये
बैंक व पोस्ट ऑफिस के कर्मचारियों ने कार्य बहिष्कार किया, मेन रोड में बंद रहीं दुकानें
बैंकिंग सेवाओं पर मिला-जुला असर
ट्रेड यूनियनों की राष्ट्रव्यापी हड़ताल का राजधानी में मिला-जुला असर रहा. मजदूर संगठनों के साथ बैंक व पोस्ट ऑफिस के कर्मचारियों ने कार्य बहिष्कार किया. डाक और बैंकिंग सेवाओं पर हड़ताल का असर दिखाई दिया. जीपीओ और मेन पोस्ट ऑफिस व बैंक में नकदी लेन-देन आदि कार्य कराने पहुंचे लोगों को परेशानी हुई.
वामदलों ने हड़ताल को बताया सफल : वामदलों ने देशव्यापी आम हड़ताल को सफल होने के दावे किये हैं. हड़ताल के दौरान वामदलों की ओर से माकपा राज्य सचिव गोपीकांत बक्सी, भाकपा-माले राज्य सचिव जनार्दन प्रसाद और भाकपा राज्य सचिव भुनेश्वर मेहता ने संयुक्त रूप से बंद को सफल बताया.
प्रदर्शन में इनकी रही भागीदारी : प्रदर्शन में मजदूर नेता अजबलाल सिंह, भीम साहू, रानी सिंह, इरफान अंसारी, जुनैद रवानी दिलीप महतो आयति तिर्की, शांति सेन, सिंगी खलखो, कविता रोशनी, राजू महतो, नाजिया खातून, अनिल बबलू अंसारी, गोपाल शरण, रामचरित्र शर्मा, प्रकाश विप्लव आदि शािमल थे.
बंद रहीं दुकानें
हड़ताल के समर्थन में रांची की कई दुकानें बंद रहीं. मेन रोड से सटे इलााकाें के अंदर की सभी दुकानें दिन भर बंद रहीं. फुटपाथी दुकानदारों ने भी अपने-अपने क्षेत्र में व्यापार बंद रखा. रतन टॉकीज, अंजुमन प्लाजा, सुधा कांप्लेक्स, डेली मार्केट, फतुल्ला और चर्च रोड की दुकानें भी पूरी तरह से बंद रहीं.इधर, केंद्रीय ट्रेड यूनियनों द्वारा आहूत देशव्यापी आम हड़ताल में एक्टू से संबद्ध झारखंड निर्माण मजदूर यूनियन ने रैली निकाल कर केंद्र सरकार की नीतियों का विरोध किया.
किसान सभा ने निकाली रैली : मजदूर-किसान संगठनों के आह्वान पर राष्ट्रव्यापी आम हड़ताल के दौरान भाकपा और अखिल भारतीय किसान सभा के कार्यकर्ताओं ने सड़क पर निकल कर आम जनता से केंद्र सरकार के खिलाफ खड़े होने की अपील की. इसके लिए भाकपा राज्य कार्यालय से अल्बर्ट एक्का चौक पर एक रैली निकाली गयी.
