बायोलॉजी के लिए एक ही उत्तरपुस्तिका का उपयोग किया जायेगा
आयुष्मान मरीजों की बायोमेट्रिक पहचान शुरू
रांची : आयुष्मान भारत योजना के तहत मरीजों के इलाज से पहले उनकी बायोमेट्रिक पहचान की व्यवस्था लागू हो गयी है. झारखंड राज्य आरोग्य समिति ने दो माह पहले यह निर्देश जारी किया था.
अायुष्मान भारत योजना से संबद्ध सभी 654 अस्पतालों (218 सरकारी तथा 436 निजी) में मरीजों के इलाज से पहले उनकी अंगुलियों के निशान लिये जायेंगे, पर विशेष परिस्थितियों में इसके बगैर भी इलाज कराया जा सकेगा. यह व्यवस्था किसी लाभुक के बदले अन्य व्यक्ति का इलाज करा लेने की शिकायत तथा फर्जी इलाज की संभावना के मद्देनजर की गयी है. इस योजना से राज्य भर के 57 लाख परिवार जुड़े हुए हैं.
यह शिकायत भी अक्सर मिलती रही है कि अस्पताल लाभुकों के इलाज में कोताही बरतते हैं और उन्हें बेवजह परेशान किया जाता है. इसके लिए यह निर्देश दिया गया था कि सभी अस्पताल आयुष्मान भारत योजना के लाभुकों के लिए अस्पतालों में बने किओस्क (सहायता केंद्र) के पास एक वेब कैमरा लगायेंगे. इसकी रिकॉर्डिंग कम से कम सात दिनों तक रखनी होगी. इससे किसी शिकायत की जांच हो सकेगी.
