रांची : केंद्र सरकार ने झारखंड के उग्रवाद प्रभावित क्षेत्रों में रोड कनेक्टिविटी बेहतर करने के लिए करीब 600 किमी सड़क योजनाओं को स्वीकृति दी है. प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत यहां उग्रवाद प्रभावित क्षेत्रों में सड़क अपग्रेडेशन व नयी सड़क बनायी जायेगी. इसके लिए करीब 494 करोड़ रुपये की स्वीकृति भी दी गयी है.
योजना के तहत 296 करोड़ रुपये भारत सरकार देगी, जबकि राज्य सरकार को अपना शेयर 197.84 करोड़ रुपये लगाना होगा. 25 पुलों का भी निर्माण कराया जायेगा. सारी योजनाअों का डीपीआर तैयार करके यहां से दिल्ली भेज दिया गया था, लेकिन योजनाअों को स्वीकृति नहीं मिली थी. अब जाकर केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्रालय ने स्वीकृति देकर इसकी सूचना झारखंड सरकार को दी है. खूंटी, गुमला, सिमडेगा, लोहरदगा, लातेहार, चतरा, पलामू, गढ़वा, गिरिडीह, पश्चिमी सिंहभूम, पूर्वी सिंहभूम, बोकारो, हजारीबाग के साथ ही संताल के कुछ जिलों के लिए भी योजनाएं स्वीकृत हुई है.
जनवरी तक होगा टेंडर का निपटारा
यहां झारखंड स्टेट रूरल रोड डेवलपमेंट अॉथोरिटी सारी योजनाअों की टेंडर की प्रक्रिया जल्द करेगा. इसकी भी तैयारी की जा रही है. यह प्रयास किया जा रहा है कि जनवरी तक सारी योजनाअों के टेंडर का निबटारा कर दिया जाये.
ज्यादा लागत वाली सड़कें बनेंगी
इस बार पीएमजीएसवाइ की सड़कें ज्यादा लागत वाली है. पूर्व में पीएमजीएसवाइ के लिए 35-40 लाख रुपये प्रति किमी की लागत वाली सड़कें बन रही थी, लेकिन इस बार केंद्र सरकार ने अच्छी स्पेशिफिकेशन वाली सड़कों को स्वीकृति दी है. 74 लाख रुपये प्रति किमी लागत से ज्यादा वाली सड़कें बनायी जायेगी. विभागीय इंजीनियरों का कहना है कि इस बार मजबूत व टिकाऊ सड़कें बनेंगी. सड़क पर वाहनों के लोड को देखते हुए सड़कें बनायी जायेगी.
