रांची : शिक्षा परियोजना ने जैप आइटी से पूछा- किसने डलवाया था टैब में सीएम का वीडियो संदेश, इस कारण चार माह बंद रहा 31 हजार टैब

रांची : राज्य के 31 हजार स्कूलों को राज्य सरकार की ओर से वर्ष 2017 में टैब दिया गया है. इसमें वर्तमान में कार्यवाहक मुख्यमंत्री रघुवर दास का वीडियो संदेश है. इस कारण चुनाव आचार संहिता के दौरान इस वर्ष लगभग चार माह टैब का प्रयोग बंद रहा. शिक्षा विभाग को टैब जैप आइटी द्वारा […]

रांची : राज्य के 31 हजार स्कूलों को राज्य सरकार की ओर से वर्ष 2017 में टैब दिया गया है. इसमें वर्तमान में कार्यवाहक मुख्यमंत्री रघुवर दास का वीडियो संदेश है.
इस कारण चुनाव आचार संहिता के दौरान इस वर्ष लगभग चार माह टैब का प्रयोग बंद रहा. शिक्षा विभाग को टैब जैप आइटी द्वारा उपलब्ध कराया गया है. टैब के लिए राशि शिक्षा विभाग द्वारा दी गयी है. विभाग द्वारा संदेश को लेकर कोई निर्देश नहीं दिया गया था. शिक्षा परियोजना निदेशक ने जैप आइटी से चुनाव के दौरान इस संबंध में पूछा कि किसके आदेश से इसमें संदेश डाला गया है. विभागीय पदाधिकारियों का कहना है कि संदेश को टैब से नहीं हटाया जा सकता है.
संदेश टैब में डिवाइस इन बिल्ट है. वीडियो संदेश नहीं हटने के कारण ही लोकसभा व विधानसभा चुनाव के दौरान इसका उपयोग बंद कर दिया गया था. इस दौरान स्कूलों में ऑनलाइन उपस्थिति बनाने का कार्य भी बाधित रहा. उल्लेखनीय है कि चुनाव के दौरान शिक्षा विभाग द्वारा संदेश को बंद करने पर विचार किया गया था, पर संबंधित एजेंसी द्वारा बताया गया कि संदेश को नहीं हटाया जा सकता है. इस कारण चुनाव के दौरान टैब को बंद करना पड़ा.
डिजिटल इंडिया को बढ़ावा देने का संदेश : सरकार बदलने की तैयारी के साथ राज्य के स्कूलों में दिये गये टैब में कार्यवाहक मुख्यमंत्री रघुवर दास के वीडियो संदेश पर भी चर्चा शुरू हो गयी है. संदेश में कैश लेश व डिजिटल इंडिया को बढ़ावा देने की बात कही गयी है.
बीआरपी-सीआपी को भी दिया गया है टैब : स्कूलों के साथ-साथ राज्य के तीन हजार बीआरपी-सीआरपी को भी टैब दिया गया है. स्कूलों में शिक्षक टैब के माध्यम से ऑनलाइन उपस्थिति बनाते हैं. इसके अलावा ई-विद्यावाहिनी के तहत चलनेवाले कार्यक्रमों का संचालन किया जाता है. बीआरपी-सीआरपी टैब के माध्यम से विद्यालयों का ऑनलाइन निरीक्षण रिपोर्ट भेजते हैं. इसके अलावा अन्य योजनाओं की भी ऑनलाइन रिपोर्ट भेजी जाती है.
नयी सरकार के गठन के बाद ही स्वीकृति या भुगतान हो
रांची : मुख्य सचिव डॉ डीके तिवारी ने सारे विभागों को निर्देश दिया है कि नयी सरकार के गठन होने तक किसी भी नयी योजना की स्वीकृति नहीं दी जाये. न ही किसी भी कार्य की स्वीकृति हो. इसके साथ ही सिविल निर्माण कार्यों से संबंधित किसी भी तरह के अग्रिम का भुगतान नहीं करने को कहा गया है. इसके अलावा अन्य कार्यों से संबंधित भुगतान भी ठेकेदारों को नहीं किया जायेगा. उन्होंने स्पष्ट किया है कि नयी सरकार के विधिवत गठन होने के बाद ही यह कार्य हो.
मुख्य सचिव ने सभी अपर मुख्य सचिव, प्रधान सचिव व सचिव को इस संबंध में पत्र लिखा है. उन्होंने पत्र में लिखा है कि निर्वाचन का परिणाम घोषित हो गया है. निवर्तमान मुख्यमंत्री ने राज्यपाल को त्याग पत्र भी सौंप दिया है. इस तरह अब नयी सरकार का गठन होना है.
रांची : राज्य के पूर्व मंत्रियों ने गाड़ी लौटाना शुरू कर दिया है. 24 दिसंबर तक पूर्व मंत्री सरयू राय और रामचंद्र सहिस ने अपनी-अपनी सरकारी गाड़ियां लौटा दी हैं. शेष पूर्व मंत्रियों ने भी 26 दिसंबर तक अपनी-अपनी गाड़ियां लौटा देने की सूचना मंत्रिमंडल सचिवालय समन्वय विभाग को भेजी है.
मुख्यमंत्री का त्यागपत्र स्वीकार होते ही राज्य के मंत्रियों का कार्यकाल भी समाप्त हो गया. इसके साथ ही मंत्रियों के साथ कोटर्मिनस पर कार्यरत कर्मचारियों और अधिकारियों की सेवा समाप्त हो गयी. राज्य में लागू नियम के तहत मंत्री को एक आप्त सचिव (वाह्य कोटा) और दो निजी सहायक देने का प्रावधान है. इन कर्मचारियों और पदाधिकारियों की नियुक्ति मंत्री के इच्छानुसार कोटर्मिनस के आधार पर की जाती है.

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