सरकारी नौकरी से सेवानिवृत्त मो मकीनउद्दीन अंसारी (68) ने कहा कि अाज का युवा सजग है. वह अपने हक व अधिकार को जानता है. लेकिन आज के युवा अपने मताधिकार को लेकर जागरूक नहीं है. कई युवा ऐसे हैं, जो इस दिन को महज एक सरकारी छुट्टी के रूप में लेते हैं. ऐसा नहीं होना चाहिए. हमें यह समझना होगा कि हमारे एक-एक वोट से ही कोई व्यक्ति विधायक व सांसद बनता है.
अगर हम अपने वोट का महत्व नहीं समझेंगे, तो इसका असर यह होगा कि कोई गलत व्यक्ति चुनाव जीत जायेगा. फिर पांच साल तक वह अपनी मर्जी से काम करेगा. इसलिए वोटिंग के दिन हम कितना ही व्यस्त क्यों न रहें. हमें सबसे पहले वोट देना होगा. उसके बाद ही हमें बाकी के कामों को निबटाना होगा. श्री अंसारी कहते हैं कि उन्होंने अपने जीवन में अब तक एक भी चुनाव में वोटिंग मिस नहीं किया है. चाहे वह नगर निगम का चुनाव हो या विधानसभा या सांसद का. क्योंकि यह मौका पांच साल में हमें एक ही बार मिलता है.
मो मकीनउद्दीन अंसारी रिसालदार नगर
