रांची : मुख्य सचिव डॉ डीके तिवारी ने गुरुवार को नेशनल क्लीन एयर प्रोग्राम की संचालन समिति की बैठक की. उन्होंने अफसरों को रांची स्मार्ट सिटी की घेराबंदी ग्रीन हेजिंग से करने का निर्देश दिया. वन विभाग से कहा गया कि वह प्रयोग के लिए एयरपोर्ट से प्रोजेक्ट भवन के बीच ग्रीन हेजिंग का काम कर सकता है. इससे धूल कणों को रोका जा सकेगा.
साथ ही यह पर्यावरण के लिए बेहतर मॉडल होगा. मुख्य सचिव ने धनबाद के खनन व आबादी वाले क्षेत्रों में भी ग्रीन हेजिंग करने का निर्देश दिया. उन्होंने कहा कि धनबाद सहित अन्य शहरों में ग्रीन वॉल बनने से वहां के लोगों को राहत मिलेगी. उन्होंने कहा कि जहां वायु में 2.5 व 10 पीएम के कणों की मात्रा मानक से काफी अधिक है, वहां यह काम हो.
धनबाद सबसे ज्यादा प्रदूषित : बैठक में बताया गया कि केंद्रीय पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय ने धनबाद को झारखंड का सबसे प्रदूषित शहर माना है. देश के 10 लाख से ज्यादा आबादी वाले 28 शहर ऐसे हैं, जिनका पीएम 10 का मानक 90 चिह्नित किया गया है. धनबाद का पीएम 10 मानक 238 पाया गया है. मुख्य सचिव ने बताया कि इसे लेकर केंद्र सरकार ने धनबाद के पर्यावरण को सुधारने के लिए 10 करोड़ रुपये की राशि दी है.
उन्होंने इस राशि से धनबाद के खनन क्षेत्र व आबादी क्षेत्र के बीच ग्रीन हेजिंग कराने को कहा है. इस राशि से सड़क किनारे खाली जमीन पर पेवर ब्लॉक बिछाने, पौधारोपण करने को कहा है, ताकि धूल कम से कम उड़े. मुख्य सचिव ने धनबाद की कुछ जगहों पर प्रदूषण का स्तर जानने के लिए इंडिकेटर मशीन लगाने पर भी सहमति जतायी.
नर्सरी को और उन्नत व विकसित करे वन विभाग : मुख्य सचिव ने वन विभाग से कहा कि वह अपनी नर्सरी को और उन्नत व विकसित करे. नर्सरी में 10 फीट से ऊंचे पौधे विकसित करें, जिसे कहीं भी आसानी से लगाया जा सके.
बड़े पौधे होने से जानवर उसे नुकसान नहीं पहुंचा सकते हैं. बैठक में नगर विकास सचिव अजय कुमार सिंह, परिवहन सचिव प्रवीण टोप्पो, पर्यावरण नियंत्रण बोर्ड के अध्यक्ष एके रस्तोगी, सदस्य सचिव राजीव लोचन बख्शी आदि मौजूद थे.
