साइबर क्षेत्र में कम जानकार हैं जज : बोस

रांची : न्यायाधीश विशेषज्ञों के विशेषज्ञ होते हैं, पर साइबर के क्षेत्र में अभी उनके पास भी जानकारी कम है. साइबर का क्षेत्र नया है. साइबर मामलों के अनुसंधान के साथ-साथ न्यायाधीशों को भी अपने आप को अपडेट करना होगा. उक्त बातें सुप्रीम कोर्ट के जज अनिरुद्ध बोस ने कही. वे बताैर मुख्य अतिथि शनिवार […]

रांची : न्यायाधीश विशेषज्ञों के विशेषज्ञ होते हैं, पर साइबर के क्षेत्र में अभी उनके पास भी जानकारी कम है. साइबर का क्षेत्र नया है. साइबर मामलों के अनुसंधान के साथ-साथ न्यायाधीशों को भी अपने आप को अपडेट करना होगा. उक्त बातें सुप्रीम कोर्ट के जज अनिरुद्ध बोस ने कही.

वे बताैर मुख्य अतिथि शनिवार को धुर्वा स्थित झारखंड ज्यूडिशियल एकेडमी के डॉ एपीजे अब्दुल कलाम सभागार में आयोजित कांफ्रेंस के उदघाटन सत्र में बोल कर रहे थे. कांफ्रेंस का विषय साइबर क्राइम : इश्यू व चैलेंजेज था. जस्टिस बोस ने कहा कि कुछ न्यायाधीशों सहित वे भी साइबर क्राइम के पीड़ित रहे हैं.
पीड़ितों के प्रति आैर संवेदनशील बने कोर्ट : हाइकोर्ट के एक्टिंग चीफ जस्टिस हरीशचंद्र मिश्र ने कहा कि कोर्ट को पीड़ितों के प्रति आैर संवेदनशील होना होगा. झारखंड में 2018 के अंत तक साइबर अपराध के 2,865 मामले सामने आये थे.
1,012 मामलों में पुलिस ने रिपोर्ट प्रस्तुत की. प्रशिक्षित अधिकारियों की कमी के कारण मामलों का निष्पादन प्रभावित हुआ है. टेलीकॉम डिस्पुट सेटेलमेंट सह साइबर अपीलीय ट्रिब्यूनल के चेयरमैन शिवकीर्ति सिंह ने कहा कि साइबर कानून को आैर डेवलप करने की जरूरत है.
जामताड़ा के करमाटांड गांव के कारण झारखंड बदनाम हुआ : कोलकाता हाइकोर्ट के जस्टिस जॉयमालया बागची ने कहा कि साइबर यूनानी शब्द है. यह यूनान से आया है. भारत विश्व का दूसरा सबसे बड़ा अॉनलाइन शॉपिंग बाजार है.
इस कारण साइबर अपराध का स्तर भी बड़ा है. वर्ष 2011 से 2016 तक भारत में साइबर क्राइम का ग्रोथ स्तर 457 प्रतिशत पाया गया है. झारखंड हाइकोर्ट के जस्टिस अपरेश कुमार सिंह ने अतिथियों का स्वागत करते हुए कहा कि साइबर क्राइम को लेकर झारखंड में गहन अध्ययन किया गया है. जामताड़ा के करमाटांड गांव से झारखंड बदनाम हुआ है.
लोगों के पास इंटरनेट की सुविधा है, जिसके चलते भोले-भाले लोग साइबर क्राइम के शिकार हो जाते हैं. यहां तक की न्यायाधीश व पढ़े-लिखे लोगों को भी साइबर अपराधी अपने चंगुल में फंसा लेते हैं. कार्यक्रम के दाैरान साइबर क्राइम इंवेस्टिगेशन व साइबर अपराध से बचने के लिए अपेक्षित आवश्यक सावधानियां नामक बुकलेट का विमोचन किया गया. जस्टिस अनंत बिजय सिंह ने धन्यवाद ज्ञापन किया.
इस अवसर पर हाइकोर्ट के न्यायाधीश, सुप्रीम कोर्ट के वरीय अधिवक्ता महाधिवक्ता अजीत कुमार, पीएजी चंद्रमाैली सिंह, जीअोसी संजय पुरी, डीजीपी कमल नयन चाैबे, सीबीआइ के संयुक्त निदेशक अमित कुमार, पूर्व जीअोसी ज्ञान भूषण सहित विभिन्न जिलों के प्रधान जिला व सत्र न्यायाधीश, न्यायिक अधिकारी, पीपी, एपीपी आदि उपस्थित थे.
ससुर पर लगाया 20 लाख fffरंगदारी मांगने का आरोप
रांची़ अरगोड़ा थाना क्षेत्र के जनता फ्लैट हरमू हाउसिंग कॉलोनी निवासी अरुण कुमार ने ससुर पर 20 लाख रुपये रंगदारी मांगने का आरोप लगाया है. पुलिस ने केस दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है. शिकायत के अनुसार पलामू निवासी युवती से अरुण कुमार की शादी हुई थी. लेकिन ससुर ने शादी के दौरान पुत्री की बीमारी की जानकारी नहीं दी. यह भी आरोप है कि शादी के बाद पत्नी छह लाख नकद और जेवरात लेकर मायके चली गयी.
वहां पहुंच कर पति के खिलाफ केस भी दर्ज करवा दिया. शिकायत में आगे लिखा है कि उसने तलाक के लिए मई 2019 में आवेदन दिया था, जो मंजूर हो गया है. लेकिन अब ससुर धमकी भरा मैसेज भेजकर 20 लाख रुपये की मांग कर रहे हैं. यह भी आरोप है कि 14 अक्तूबर को पलामू से रांची लौटने के दौरान चापाटोली में उनपर हमला भी किया गया था.

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