रांची : रिम्स की व्यवस्था में सुधार को लेकर शुक्रवार को उच्चस्तरीय बैठक हुई. बैठक में कई महत्वपूर्ण बिंदुअों पर विचार-विमर्श किया गया. इससे हाइकोर्ट को अवगत कराया जायेगा. स्वास्थ्य विभाग के सचिव नितिन मदन कुलकर्णी ने कहा कि राज्य सरकार रिम्स को बजट व योजना राशि मुहैया कराती है. ऐसे में सरकार अपने दायित्व से विमुख नहीं हो सकती है.
बैठक में रिम्स के निदेशक डॉ डीके सिंह ने बताया कि रिम्स के पास जो पैसा बचा हुआ है, वह वास्तव में वेतन मद का है. पहले नियुक्तियां नहीं हो रही थीं. चालू वित्तीय वर्ष में बड़े पैमाने पर नियुक्तियां की गयी हैं. इलाज बेहतर हो सके, इस पर प्रबंधन का पूरा ध्यान रहता है. महाधिवक्ता अजीत कुमार ने कहा कि कोर्ट चाहता है कि रिम्स में उत्कृष्ट चिकित्सकीय व्यवस्था बहाल हो तथा इसका लाभ मरीजों को मिले. उल्लेखनीय है कि पिछले दिनों हाइकोर्ट के जस्टिस सुजीत नारायण प्रसाद की अदालत ने एक याचिका पर सुनवाई करते हुए रिम्स की व्यवस्था पर नाराजगी जतायी थी.
कहा था कि क्यों नहीं रिम्स का अॉडिट कराया जाये. अॉडिट में अनियमितता पायी जाती है, तो उसकी सीबीआइ से भी जांच करायी जा सकती है. अदालत ने मुख्य सचिव को बुलाने की बात कही थी. महाधिवक्ता के आग्रह पर अदालत ने सरकार को एक सप्ताह का समय दिया.
