ढाई साल से लंबित है वेतन, अब तक नौ शिक्षकों की हो चुकी है मौत
रांची : मदरसा इस्लामिया, रांची में मदरसा जहीरुल उलूम, बड़ा नवांटांड़ गोविंदपुर के मास्टर पैगाम अली और मदरसा नुरुल होदा, बोरियो साहेबगंज के मौलाना मो कासिम की मौत पर शोकसभा की गयी. जिसमें राज्य के 186 मदरसों के शिक्षक, कर्मचारी और छात्र बड़ी संख्या में शामिल हुए़
इसमें ऑल झारखंड मदरसा टीचर्स एसोसिएशन के सचिव मो हम्माद कासमी ने कहा कि राज्य के 186 गैर सरकारी सहायता प्राप्त मदरसों में से 114 मदरसों के शिक्षकों व कर्मचारियों का वेतन पिछले ढाई साल से लंबित है़ राज्य सरकार की नाइंसाफी के कारण मदरसा शिक्षकों की मौत का सिलसिला जारी है़ अब तक नौ शिक्षकों की मौत हो चुकी है़ इसकी जिम्मेवारी सीधे तौर पर राज्य की बीजेपी सरकार की है़
उन्होंने कहा कि शिक्षा विभाग के प्रधान सचिव अमरेंद्र प्रताप सिंह गलत बयान दे रहे हैं कि मदरसों के पास अपनी जमीन और क्लास रूम नही हैं, जबकि इससे संबंधित सारी रिपोर्ट शिक्षा विभाग को दिलायी गयी है़
वे सरकार को गुमराह कर डीसी की रिपोर्ट, डीइओ की रिपोर्ट, जैक की समीक्षा रिपोर्ट और अल्पसंख्यक आयोग की सिफारिश को झूठा साबित करने की कोशिश कर रहे है़ं शोकसभा को एसोसिएशन के संरक्षक शरफुद्दीन रशीदी, मौलाना सलाहुद्दीन मजाहिरी, मौलाना हबीबुल्लाह नदवी, मौलाना शुजाउलहक ने भी संबोधित किया़
