मछलियों को मारने का हुआ षड्यंत्र, प्राथमिकी

ओरमांझी : बिरसा जैविक उद्यान चकला के वन क्षेत्र पदाधिकारी नागेंद्र चौधरी ने मेसर्स उत्तेकर फिशरीज के मालिक रूपेश कुमार सकपाल के विरुद्ध ओरमांझी थाना में मामला दर्ज कराया है. उन पर उद्यान परिसर स्थित मछली घर में प्रदर्शन हेतु संधारित मछलियों को षड्यंत्र के तहत मरवाने का आरोप है. ज्ञात हो कि उद्यान में […]

ओरमांझी : बिरसा जैविक उद्यान चकला के वन क्षेत्र पदाधिकारी नागेंद्र चौधरी ने मेसर्स उत्तेकर फिशरीज के मालिक रूपेश कुमार सकपाल के विरुद्ध ओरमांझी थाना में मामला दर्ज कराया है. उन पर उद्यान परिसर स्थित मछली घर में प्रदर्शन हेतु संधारित मछलियों को षड्यंत्र के तहत मरवाने का आरोप है.

ज्ञात हो कि उद्यान में झारखंड चिड़ियाघर प्राधिकरण के अंतर्गत स्थापित मछली घर के प्रबंधन का काम तीन वर्षों के लिए मुंबई की कंपनी मेसर्स उत्तेकर फिशरीज को अनुबंध पर 17 जुलाई 2018 को आउटसोर्सिंग पर दिया गया था.
तब से रूपेश मछली घर का संचालन अपने कर्मियों के सहयोग से कर रहे थे. अनुबंध की कई शर्तों पर खरा नहीं उतरने व नियम विरुद्ध काम करने के कारण उद्यान के निदेशक ने 22 अगस्त को अनुबंध रद्द कर दिया. साथ ही पहले से काम कर रहे कर्मियों को काम पर रख कर उद्यान प्रबंधन ने हैंडओवर ले लिया.
वन क्षेत्र पदाधिकारी नागेंद्र चौधरी ने रूपेश पर आरोप लगाया है कि वह पहले से कार्यरत मैनेजर आकाश दीप व अन्य कर्मियों को मछली घर के रख रखाव को प्रभावित करने का प्रलोभन देते थे, ताकि मछली मरने की शिकायत हो और फिर अनुबंध पर बुलाया जा सके. उद्यान प्रबंधन ने जब इसकी जांच की, तो दो, तीन व चार सितंबर को मछली घर के टैंकों में जहरीला रसायन पदार्थ डालने की पुष्टि हुई. इसके बाद रूपेश पर मामला दर्ज कराया गया.

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