ऑनलाइन बिजली कनेक्शन लेने में लोगों को हो रही है परेशानी

रांची : झारखंड बिजली वितरण निगम लिमिटेड (जेबीवीएनएल) ने बिजली कनेक्शन देने के लिए कागज की बाध्यता पूरी तरह से समाप्त कर दी है. लोग विभाग द्वारा डेवलप साइट या फिर सीधे आवेदन देकर बिजली का नया कनेक्शन ले रहे हैं. ऑनलाइन ट्रांजेक्शन का चलन बढ़ने के बाद उपभोक्ता ऐप से पैसा ट्रांसफर करने लगे […]

रांची : झारखंड बिजली वितरण निगम लिमिटेड (जेबीवीएनएल) ने बिजली कनेक्शन देने के लिए कागज की बाध्यता पूरी तरह से समाप्त कर दी है. लोग विभाग द्वारा डेवलप साइट या फिर सीधे आवेदन देकर बिजली का नया कनेक्शन ले रहे हैं.

ऑनलाइन ट्रांजेक्शन का चलन बढ़ने के बाद उपभोक्ता ऐप से पैसा ट्रांसफर करने लगे हैं. कई बार उपभोक्ता के अकाउंट से तो पैसा कट जाता है, लेकिन विभाग के खाते में जमा नहीं हो पाता है. इस कारण समय पर लोगों को कनेक्शन नहीं मिल पाता है. इससे लोगों को काफी परेशानी होती है.
ग्रामीण इलाकों में सौभाग्य योजना के तहत गरीबों को बिजली का मुफ्त कनेक्शन प्रदान किया जा रहा है. अन्य लोग 50-50 रुपये के किस्तों में इसे चुका सकते हैं. शहरी इलाके में नया कनेक्शन लेते वक्त विभाग की ओर से एक किलोवाट पर 4020 रुपये चार्ज किया जा रहा है. इसमें आवेदन शुल्क, मीटर टेस्ट फीस, सर्विस कनेक्शन चार्ज, सिक्योरिटी मनी शामिल है.
वहीं सर्विस मेटेरियल चार्ज के रूप में 3,337 रुपये लिये जा रहे हैं. मेटेरियल कॉस्ट के तौर पर मीटर लगाने व पोल से तार खींचने के लिए ऑनलाइन पेमेंट करते वक्त भुगतान होने जाने के बाद पैसा वापस का चांस नहीं मिल रहा है. यही हाल नाम ट्रांसफर व अन्य सेवाओं में भी हो रहा है. लोगों के खाते से पैसे कभी खुद की गलती से, तो कभी जेबीवीएनएल के बनाये सिस्टम की पेचिदगियों के चलते कट जा रहे हैं.

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By Prabhat Khabar Digital Desk

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