रांची : अपर न्यायायुक्त एसके पांडेय की अदालत ने यौन शोषण के आरोप में रातू थाना क्षेत्र के पिर्रा गांव निवासी गुलरेज अंसारी (22) को 13 महीने से अधिक समय तक जेल में रहने के बाद शुक्रवार को रिहा कर दिया. अदालत में गुलरेज अंसारी के अधिवक्ता ने डीएनए टेस्ट की रिपोर्ट सौंपी थी. रिपाेर्ट से पता चला कि यौन शोषण से जन्मा बच्चा गुलरेज का नहीं है. इस कारण युवक पर यौन शोषण की पुष्टि नहीं हो सकी. इसके बाद अदालत ने उसे रिहा कर दिया़
क्या है मामला : गौरतलब है कि जिस पीड़िता ने यौन शोषण का आरोप लगाया था, वह एक बच्चे की मां है. पीड़िता ने गुलरेज अंसारी पर यौन शोषण करने एवं बच्चे का जन्म होने के बाद शादी से इनकार करने का आरोप लगाया था.
बच्चे के जन्म के बाद पीड़िता ने चार अगस्त 2018 को रातू थाना में प्राथमिकी दर्ज करायी थी.इसके बाद पुलिस ने आरोपी युवक को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था. मामले के अनुसंधानकर्ता संजय कुमार ने बच्चे के डीएनए की जांच करायी. अदालत के आदेश पर राज्य फोरेंसिक साइंस लेबोरेटरी में बच्चे, उसकी मां और गुलरेज का डीएनए टेस्ट किया गया. जिसमें रिपोर्ट निगेटिव निकली.
रिपोर्ट में कहा गया कि बच्चा का पिता गुलरेज अंसारी नहीं है. इसी आधार पर अदालत ने युवक को यौन शोषण के आरोप से मुक्त कर दिया. मामले में सुनवाई के दौरान पांच गवाही दर्ज की गयी थी़
