रांची : प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष डॉ रामेश्वर उरांव ने कहा कि केंद्र सरकार 100 दिनों का कार्यकाल पूरा होने पर ढोल पीट रही है, जबकि हकीकत यह है कि इस दौरान आर्थिक मंदी व बेरोजगारी में बेतहाशा वृद्धि हुई है. देश का ग्रोथ रेट घट कर पांच प्रतिशत पर पहुंच गया है.
जमशेदपुर में विभिन्न औद्योगिक इकाइयों के बंद होने से 30 हजार से ज्यादा लोग बेरोजगार हो गये. रोजगार देने के मामले में झारखंड देश में सबसे पिछड़े राज्यों में से एक है. यहां पर रोजगार देने का प्रतिशत मात्र 15.1 है. डॉ उरांव सोमवार को कांग्रेस भवन में पत्रकारों से बातचीत कर रहे थे.
उन्होंने कहा कि लोहरदगा कॉलेज में 1978 से बहाली नहीं हुई है. यहां पर शिक्षकों के 41 पद स्वीकृत हैं, जबकि 16 शिक्षक ही काम कर रहे हैं. उन्होंने कहा कि एक तरफ सरकार कुपोषण मुक्त राज्य बनाने का दावा कर रही है, दूसरी तरफ जिनको (आंगनबाड़ी सेविका-सहायिका) इन्हें अंजाम तक पहुंचाना है, वे हड़ताल पर हैं.
झारखंड में सबसे ज्यादा भूख से मौत हुई है. भीड़ तंत्र के नाम पर राज्य में अराजकता का माहौल कायम कर दिया गया है. सरकार विपक्ष को प्रताड़ित करने का काम कर रही है. विपक्षी नेताओं को बिना वारंट व चार्जशीट के गिरफ्तार किया जा रहा है. वहीं सत्ता पक्ष के विधायक ढुल्लू महतो व चिट फंड के आरोपी खुलेआम घूम रहे हैं.
महागठबंधन को लेकर विवाद नहीं, वार्ता जारी : डॉ उरांव ने कहा कि महागठबंधन को लेकर घटक दलों के नेताओं के साथ संवाद जारी है. समय आने पर इसकी घोषणा हो जायेगी. महागठबंधन को लेकर किसी तरह का विवाद नहीं है. उन्होंने कहा कि जल्द ही कमेटी का विस्तार किया जायेगा. डॉ उरांव ने कहा कि सरकार ने सीएनटी-एसपीटी एक्ट में संशोधन लाकर अक्षम्य अपराध किया.
गोड्डा विवाद को लेकर बनी जांच समिति
डॉ रामेश्वर उरांव ने गोड्डा जिला में जबरन इसाई धर्म अपनाने का दबाव देने एवं जमीन विवाद की वास्तविकता की जांच के लिए चार सदस्यीय जांच समिति का गठन किया है. इसमें विधायक बादल पत्रलेख को संयोजक व अल्पसंख्यक विभाग के अध्यक्ष इरफान, साइमन मरांडी व रणविजय सिंह को सदस्य बनाया गया है. समिति को एक सप्ताह में मामले की जांच कर प्रदेश कार्यालय को रिपोर्ट सौंपने को कहा गया है.
