रांची : सरेंडर कर चुके नक्सली नकुल यादव के भाई रोहित यादव के खाते में पड़े 61 लाख से अधिक रुपये अब सरकार जब्त नहीं करेगी. क्योंकि पुलिस अधिकारियों ने रुपये जब्त करने के लिए सरकार को प्रस्ताव भेजने का निर्णय वापस ले लिया है.
पुलिस अधिकारियों के अनुसार संगठन में रहने के दौरान नकुल यादव ने अपने भाई और परिवार के नाम पर काफी संपत्ति अर्जित की थी. सरेंडर करने से पहले नकुल यादव ने पुलिस अधिकारियों के पास शर्त रखी थी कि उसके रुपये या संपत्ति को जब्त नहीं किया जाये. इस शर्त पर वह मुख्यधारा में लौटने को तैयार हुआ था. इसके बाद नकुल यादव के साथ मदन यादव ने सरेंडर किया था.
जानकारी के अनुसार नोटबंदी के दौरान पुलिस ने नकुल यादव के भाई के पास से 25 लाख रुपये बरामद किये थे. लोहरदगा थाना में नकुल यादव के भाई रोहित यादव सहित अन्य के खिलाफ वर्ष 2016 में तीन नवंबर को एक केस दर्ज हुआ था. केस के अनुसंधान के दौरान उसके बैंक खाते में 61 लाख से अधिक रुपये होने की बात सामने आयी थी. इसके बाद रुपये की निकासी पर रोक लगा दी गयी थी.
22 जुलाई को आइजी अभियान ने रुपये जब्त करने के लिए प्रस्ताव तैयार करने से पहले मामले में जांच का निर्देश दिया था. उन्होंने लिखा था कि रुपये जब्त करने की दिशा में केस की समीक्षा कर प्रस्ताव तैयार किया जाये. केस की समीक्षा करने की जिम्मेवारी आइजी रैंक के किसी अफसर को सौंपी गयी थी. अब केस की समीक्षा करने के बाद रुपये नहीं जब्त करने का निर्णय लिया गया है.
