रांची : श्रमिकों का कार्यक्रम, पर जो हिंदी बोल सकते हैं उन्होंने भी अंग्रेजी में भाषण दिया

कार्यक्रम का हिंदी में रूपांतरण किया, जिम्मेदार प्रवास परियोजना रांची : इरबा स्थित ओरिएंट क्राफ्ट की दूसरी वर्षगांठ पर कारखाने परिसर में ब्रिटिश हाई कमिश्नर द्वारा पलायन पर कार्यक्रम का आयोजन किया गया. इसमें श्रमिकों को बताया गया कि कैसे स्थानीय स्तर पर ही प्रशिक्षण लेकर रोजगार प्राप्त किये जा सकते हैं. ओरिएंट क्राफ्ट के […]

कार्यक्रम का हिंदी में रूपांतरण किया, जिम्मेदार प्रवास परियोजना
रांची : इरबा स्थित ओरिएंट क्राफ्ट की दूसरी वर्षगांठ पर कारखाने परिसर में ब्रिटिश हाई कमिश्नर द्वारा पलायन पर कार्यक्रम का आयोजन किया गया. इसमें श्रमिकों को बताया गया कि कैसे स्थानीय स्तर पर ही प्रशिक्षण लेकर रोजगार प्राप्त किये जा सकते हैं. ओरिएंट क्राफ्ट के करीब 300 श्रमिक कार्यक्रम में उपस्थित थे. ब्रिटिश हाई कमिश्नर डोमेनिक एस्क्रिथ और मार्क्स एंड स्पेंसर की फियेना सेडलर को छोड़कर सारे वक्ता भारतीय थे और हिंदी बखूबी जानते थे. पर सारे वक्ताओं ने अंग्रेजी में ही अपनी बात कही.
यहां तक कि एनजीओ एफएचआइए जिन्हें श्रमिकों के लिए काम करना है उसके निदेशक ने भी अंग्रेजी में ही अपनी बात कही. अमूमन अन्य कार्यक्रम में उद्योग सचिव के रविकुमार और जेएसएलपीएस के राकेश उपाध्याय हमेशा हिंदी में बोलते हैं पर इस कार्यक्रम में इन्होंने भी अंग्रेजी में ही भाषण दिया. श्रमिकों ने कार्यक्रम के बाद कहा किस बात का कार्यक्रम उन्हें पता ही नहीं चला.
शायद सब लोग हाई कमिश्नर को ही सुनाना चाहते थे श्रमिकों से किसी को कोई मतलब नहीं था. मुख्य मंच पर कार्यक्रम का जो बोर्ड लगा था उसका ट्रांसलेशन हिंदी में किया गया था. लेकिन वह भी किसी के समझ से परे था. रिस्पाॅन्सिबल माइग्रेशन प्रोजेक्ट का ट्रांसलेशन लिखा गया था जिम्मेदार प्रवास परियोजना. प्रेस रिलीज भी अंग्रेजी से गूगल ट्रांसलेट कर हिंदी में दे दिया गया था, जिसके शब्द किसी को समझ नहीं आ रहे थे.

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By Prabhat Khabar Digital Desk

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