रांची : झारखंड आदिवासी सरना विकास समिति की बैठक धुर्वा के सरहुल पूजा मैदान में हुई. इसमें निर्णय लिया गया कि नौ सितंबर को करम पूजा का आयोजन श्रद्धाभाव व धूमधाम से किया जायेगा. साथ ही सरना और मसना स्थलों पर सखुआ व करम के पौधे लगाये जायेंगे.
अध्यक्ष मेघा उरांव ने कहा कि हमारे पुरखों द्वारा दी गयी व्यवस्था व पहचान को समाप्त करने का प्रयास किया जा रहा है. नौकरी से लेकर ग्राम प्रधान, मुखिया, पाहन, पहनई जमीन, सरना-मसना स्थलों पर धर्मांतरित आदिवासियाें का कब्जा हो रहा है.
जनजाति सुरक्षा मंच के संयोजक संदीप उरांव ने कहा कि विघटनकारी ताकतें पांचवीं अनुसूची क्षेत्र में आदिवासियों की धर्म- संस्कृति, जीवन पद्धति को प्रभावित करने की कोशिश रही हैं. सह सचिव बूटन महली ने कहा कि समिति के कार्यों के प्रति लोगों का विश्वास बढ़ा है. हर क्षेत्र के लोग अपनी समस्याओं के समाधान के लिए समिति के पदाधिकारियों को बुला रहे हैं.
बैठक में ये लोग थे मौजूद
बैठक में कुमुदनी लकड़ा, बिरसा भगत, सीमा टोप्पो, करमपाल उरांव, जयमंत्री उरांव, लोरेया उरांव, कृष्णा उरांव, सुनील मिंज, लुथरू उरांव, मनसाय उरांव, सरिता मुंडा, सोनवा देवी, तेंबू उरांव, मोहन महली, बसना उरांव, शिबू उरांव, सोमानी उरांव, पूजा देवी, शांति भगत, बुद्धदेव उरांव, गोपाल उरांव, चंदा कच्छप, अंजलि खलखो, कावेरी उरांव, बिरसा पाहन, तेजुआ उरांव, नारो उरांव, सुरेंद्र उरांव, बसना उरांव, पंचम उरांव व अन्य शामिल थे.
