रांची : राज्य के वित्त रहित इंटर कॉलेज, स्थापना अनुमति प्राप्त हाइस्कूल और मदरसा व संस्कृत स्कूल के शिक्षकों और कर्मियों ने शुक्रवार को राजभवन के समक्ष धरना दिया. राज्य के वित्त रहित स्कूल-कॉलेज के शिक्षक अपनी मांगों को लेकर चरणबद्ध आंदोलन कर रहे हैं.
झारखंड राज्य वित्त रहित शिक्षा संयुक्त संघर्ष मोर्चा के रघुनाथ सिंह ने कहा कि सरकार उनकी मांगों को लेकर गंभीर नहीं है. अब तक केवल आश्वासन दिया गया और कोई कार्रवाई नहीं हुई. आनेवाले दिनों में आंदोलन को और तेज किया जायेगा. पांच सितंबर को शिक्षक दिवस पर शिक्षक राजभवन के समक्ष आमरण-अनशन शुरू करेंगे.
12 से 28 अगस्त तक शिक्षक व कर्मी अपने-अपने क्षेत्र के सांसद व विधायक को मुख्यमंत्री के नाम मांग पत्र सौंपेंगे. 16 से 31 अगस्त तक शिक्षक भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष व केंद्रीय मानव संसाधन मंत्री को मांगों से संबंधित पोस्टकार्ड भेजेंगे. दो अक्तूबर को मोर्चा मुख्यमंत्री आवास का घेराव करेगा. इसके बाद मोर्चा के बैनर तले राज्य के इंटर कॉलेज, स्थापना अनुमति प्राप्त हाइस्कूल और मदरसा व संस्कृत स्कूल के शिक्षक दिल्ली जायेंगे.
शिक्षक भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष व केंद्रीय शिक्षा मंत्री का घेराव करेंगे. 20 अक्तूबर के बाद राज्य के वित्त रहित स्कूल व कॉलेज के शिक्षक अपने-अपने विद्यालय में तालाबंदी कर चाबी अपने क्षेत्र के सांसद और विधायक को सौंप देंगे.
मोर्चा की मुख्य मांगों में इंटर कॉलेज शिक्षकों की सेवा शर्त नियमावली बनाना, अनुदान राशि सीधे शिक्षक व कर्मी के बैंक खाते में भेजना, भूमि व भवन के नाम पर स्कूल-कॉलेज की बार-बार जांच नहीं करने, इंटर कॉलेजों का अधिग्रहण सहित घाटानुदान देना, मदरसा व संस्कृत विद्यालयों का अनुदान दोगुना करना शामिल हैं. उन्होंने कहा कि उनकी ओर से लगातार आंदोलन किया जा रहा है, लेकिन सरकार इस दिशा में कोई गंभीर कदम नहीं उठा रही है.
धरना देनेवालों में अरविंद कुमार सिंह, हरिहर प्रसाद कुशवाहा, डॉ देवनाथ सिंह, नरेश घोष, बलदेव पांडेय, अनिल तिवारी, चंद्रेश्वर पाठक, एनके सिंह, वासुदेव महतो और प्रेमनाथ मुंडा आदि शामिल थे.
पांच सितंबर से राजभवन के समक्ष शुरू करेंगे आमरण अनशन
कहा-मांगों को लेकर सरकार गंभीर नहीं है
दो अक्तूबर को सीएम आवास का घेराव करेंगे शिक्षक
