रांची : स्वास्थ्य सचिव डॉ नितिन मदन कुलकर्णी ने गुरुवार को रिम्स प्रबंधन को आदेश दिया है कि वह जल्द से जल्द सुपर स्पेशियलिटी विंग के बाहर लगनेवाली निजी अस्पतालों की एंबुलेंस को वहां से हटवाये. स्वास्थ्य सचिव ने रिम्स निदेशक डॉ दिनेश कुमार सिंह को फोन कर इस पूरे मामले की जानकारी भी ली है. साथ ही स्पष्ट किया है कि किसी भी हाल में निजी अस्पतालों की एंबुलेंस अस्पताल परिसर में नहीं लगने दी जायें. यह भी सुनिश्चित किया जाये कि निजी अस्पताल के एंबुलेंस वाले गरीब मरीजों को भ्रमित कर अपने अस्पताल नहीं ले जाएं.
स्वास्थ्य सचिव के आदेश के बाद निजी सुरक्षा एजेंसी, सैप के जवान व रिम्स में नियुक्त पुलिसकर्मियों को निदेशक को निर्देश दिया कि अस्पताल परिसर में निजी अस्पताल के एंबुलेंस को लगाने पर रोक लगाये. अगर निजी अस्पतालों का एंबुलेंस मरीज को रिम्स लाकर पहुंचाता है, तो पहुंचाने के बाद उसे परिसर से जाने के लिए निर्देशित करें. गौरतलब है कि प्रभात खबर ने आठ अगस्त के अंक में निजी अस्पतालों के एंबुलेंस को लगाने वह भ्रमित कर अपने अस्पतालों में मरीजों को ले जाने से संबंधित खबर प्रमुखता से प्रकाशित की थी.
पीडियाट्रिक सर्जरी में एंडोस्कोपी यूनिट शुरू
रांची. रिम्स के पीडियाट्रिक सर्जरी विभाग में एंडोस्कोपी यूनिट का शुभारंभ हुआ. उदघाटन गुरुवार को अधीक्षक डॉ विवेक कश्यप ने किया. उद्घाटन के साथ ही कोडरमा से आये 14 वर्षीय बच्चे श्रीकांत शर्मा की इंडोस्कोपी की गयी. गैस्ट्रोइंट्रोलॉजिस्ट डॉ जयंत घोष की मदद से बच्चे की बांडिंग भी की गयी. कार्यक्रम में उपाधीक्षक डॉ संजय, पेडियाट्रिक सर्जरी से डॉ हिरेद्र बिरुआ के अलावा डॉ अभिषेक रंजन आदि उपस्थित थीं.
निदेशक को आयोग ने किया शो काॅज
रिम्स निदेशक डॉ दिनेश सिंह को राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग ने शो कॉज किया है. उन्हें 15 सितंबर तक जवाब देने के लिए कहा गया है. ज्ञात हो कि लातेहार की बरवाडीह प्रखंड के छीपादोहर पंचायत के आदिम जनजाति बहुल गांव गम्हरिया की रहनेवाली दिलबसिया की रीढ़ की हड्डी टूट गयी थी. रिम्स में दो सप्ताह रहने के बाद वह वापस गांव आ गयी. परिजन का आरोप है कि आयुष्मान कार्ड रहने के बाद भी रिम्स में उनका इलाज सही तरीके से नहीं हुआ.
