रांची : जहां होगी रेन वाटर हार्वेस्टिंग वहीं लगेगा मिनी एचवाइडीटी

जल संकट पर निगम गंभीर, स्टैंडिंग कमेटी की बैठक में हुआ फैसला रांची : रांची नगर निगम सभागार में सोमवार को हुई स्टेंडिंग कमेटी की बैठक में जलसंकट का मुद्दा छाया रहा. बैठक में शामिल 11 पार्षदों ने एक स्वर में कहा कि इस वर्ष गर्मी में दो लाख लोग पीने के पानी के लिए […]

By Prabhat Khabar Digital Desk |
जल संकट पर निगम गंभीर, स्टैंडिंग कमेटी की बैठक में हुआ फैसला
रांची : रांची नगर निगम सभागार में सोमवार को हुई स्टेंडिंग कमेटी की बैठक में जलसंकट का मुद्दा छाया रहा. बैठक में शामिल 11 पार्षदों ने एक स्वर में कहा कि इस वर्ष गर्मी में दो लाख लोग पीने के पानी के लिए तरसे हैं. लेकिन आनेवाले दिनों में इसकी संख्या बढ़ सकती है. इसलिए अभी से इसकी तैयारी करनी पड़ेगी.
बैठक में यह निर्णय लिया गया कि जल संकट वाले मोहल्ले में नगर निगम मिनी एचवाइडीटी व एचवाइडीटी बनाकर लोगों की प्यास तो बुझा रहा है, लेकिन इस प्रकार से हम भूगर्भ जल का अति दोहन कर रहे हैं. इससे आनेवाले दिनों में स्थिति और गंभीर होगी. इसलिए जिन जगहों पर निगम मिनी एचवाइडीटी का निर्माण करें, उस जगह के लोगों के लिए यह नियम बनाया जाये कि वे अपने-अपने घरों में रेन वाटर हार्वेस्टिंग का निर्माण करेंगे.
अगर लोगों के भवन में रेन वाटर हार्वेस्टिंग बनाने की जगह नहीं है, तो सभी लोगों को मिल कर कम्युनिटी रेन वाटर हार्वेस्टिंग का निर्माण करना होगा. बैठक में मेयर आशा लकड़ा, डिप्टी मेयर संजीव विजयवर्गीय, नगर आयुक्त मनोज कुमार, अपर नगर आयुक्त गिरिजा शंकर प्रसाद, हेल्थ ऑफिसर डॉ किरण आदि उपस्थित थे.
रांची को बनाया जायेगा हर्बल सिटी
बैठक में डॉ सुबेश अग्रवाल के उस प्रस्ताव को भी मंजूरी दी गयी, जिसमें उन्होंने 53 वार्डों में नि:शुल्क औषधीय पौधे लगाने की अनुमति मांगी थी. उप महापौर संजीव विजयवर्गीय ने बताया कि इसके तहत चार प्रकार के औषधीय पौधे अमृता, धृतकुमारी, हरशृंगार व सेंदवार के औषधीय पौधे लगाये जायेंगे. जब ये पौधे वृक्ष का रूप ले लेंगे, तो इन वार्डों में दोबारा हर्बल पौधे लगाये जायेंगे. इस प्रकार से हम इस शहर की पहचान हर्बल सिटी के रूप में बनायेंगे.
आमलोग करा सकते हैं चौराहों का सौंदर्यीकरण
बैठक में यह तय हुआ कि शहर के चौक-चौराहों के सौंदर्यीकरण की जिम्मेदारी अब निजी हाथों में दी जायेगी. इसके तहत अब आमलोग भी चौक चौराहों की जिम्मेदारी लेकर उसका सौंदर्यीकरण करवा सकते हैं. बदले में नगर निगम उन्हें चौक के एक निर्धारित हिस्से में विज्ञापन लगाने का अधिकार देगा.
ड्राइ जोन इलाके में बोरिंग से पहले होगा सर्वे
शहर के जिन मोहल्लों में पानी की गंभीर किल्लत है और जलस्तर तेजी से नीचे जा रहा है, वहां निगम बोरिंग कराने से पहले टेक्निकल वेरिफिकेशन करायेगा, ताकि बोरिंग कराने के बाद उससे पर्याप्त पानी निकले. ज्ञात हो कि नगर निगम ने इस वर्ष जो 200 से अधिक बोरिंग कराये थे, जिनमें से दो दर्जन से अधिक बोरिंग ने गर्मी में जवाब दे दिया.
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